Question:

‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ में लेखक ने धान के खेतों में काम करने वाली औरतों की तुलना किनके साथ की है? स्पष्ट करते हुए दोनों के बीच का अंतर लिखिए। 
 

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उत्तर में तुलनात्मक स्वर स्पष्ट रखें — “खामोश श्रम” बनाम “प्रकट श्रम” — यही लेखक का भाव है।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

‘जहाँ कोई वापसी नहीं’ पाठ में लेखक ने धान के खेतों में काम करने वाली स्त्रियों की तुलना “पत्थर तोड़ने वाली मजदूरिनों” से की है।
लेखक के अनुसार, धान रोपने वाली स्त्रियाँ बाहर से मुँह छिपाए, पानी में कमर तक डूबी हुई, निरंतर झुकी हुई होती हैं।
वे चुपचाप काम करती हैं — उनका श्रम धीमा, गहन और दीर्घकालीन होता है।
इसके विपरीत, पत्थर तोड़ने वाली मजदूरिनों का श्रम खुला, ऊर्जावान, और गतिशील होता है — जिसमें चोट और आवाज दोनों होती है।
लेखक यह अंतर दिखाता है कि खेत में काम करने वाली स्त्रियाँ दिखती कम हैं, पर उनका योगदान उतना ही अथवा उससे अधिक महत्वपूर्ण है।
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