Question:

पद्यांश: सावधान, मनुष्य! यदि विज्ञान है तलवार,
तो इसे दे फेंक, तज कर मोह, स्मृति के पार।
हो चुका है सिद्ध, है तू अभी शिशु नादान;
फूल-काँटों की तुझे, कुछ भी नहीं पहचान।
खेल सकता तू नहीं ले हाथ में तलवार,
काट लेगा अंग, तीखी है बड़ी यह धार।
(iv) कवि ने तलवार किसे बताया है और इसका प्रयोग करने से मनुष्य को क्यों रोका है?

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: तलवार किसे कहा गया है:
कवि ने विज्ञान को तलवार बताया है। पद्यांश की पहली पंक्ति में ही लिखा है कि यदि विज्ञान तलवार है।

चरण 2: मनुष्य को क्यों रोका है:
कवि के अनुसार मनुष्य अभी शिशु के समान नादान है। वह फूल और काँटे का भेद नहीं जानता, अर्थात् उचित और अनुचित नहीं पहचानता। तलवार की धार बहुत तीखी है, इसलिए उससे खेलने पर वह अपने ही अंग काट लेगा। इसी विनाश से बचाने के लिए कवि ने उसे इसका प्रयोग करने से रोका है।

अंतिम उत्तर:
तलवार विज्ञान को कहा गया है, और उसके विनाशकारी दुरुपयोग से बचाने के लिए मनुष्य को रोका गया है।
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