Question:

पद्यांश: मैं नीर भरी दुख की बदली!
स्पंदन में चिर निस्पंद बसा,
क्रंदन में आहत विश्व हँसा,
नयनों में दीपक से जलते,
पलकों में निर्झरिणी मचली!
(iii) 'नयनों में दीपक से जलते' में कौनसा अलंकार प्रयुक्त हुआ है? स्पष्ट करें।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: अलंकार की पहचान:
‘नयनों में दीपक से जलते’ में उपमा अलंकार है।

चरण 2: उपमा के अंग:
उपमा में एक वस्तु की दूसरी वस्तु से समानता बताई जाती है। इसके चार अंग होते हैं: उपमेय, उपमान, साधारण धर्म और वाचक शब्द।
उपमेय: नयन (आँखें)
उपमान: दीपक
साधारण धर्म: जलना
वाचक शब्द: ‘से’

चरण 3: कारण:
यहाँ आँखों की तुलना जलते हुए दीपक से की गई है। चारों अंग स्पष्ट रूप से मौजूद हैं, इसलिए यह पूर्णोपमा है।

अंतिम उत्तर:
इस पंक्ति में उपमा अलंकार है।
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