Question:

पद्यांश: दुःख की पिछली रजनी बीच
विकसता सुख का नवल प्रभात
एक परदा यह झीना नील
छिपाये हैं जिसमें सुख गात।
(i) उपर्युक्त पद्यांश के कवि एवं कविता का नाम लिखिए।

Updated On: Sep 24, 2026
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

चरण 1: पद्यांश की पहचान:
ये पंक्तियाँ ‘श्रद्धा-मनु’ पाठ से ली गई हैं। यह पाठ महाकाव्य ‘कामायनी’ का अंश है।

चरण 2: कवि और कविता:
कवि का नाम: जयशंकर प्रसाद।
कविता का नाम: श्रद्धा-मनु (महाकाव्य ‘कामायनी’ का अंश)।

अंतिम उत्तर:
कवि जयशंकर प्रसाद हैं और कविता ‘श्रद्धा-मनु’ (कामायनी) है।
Was this answer helpful?
0
0

Top UP Board XII पद्यांश पर आधारित प्रश्न Questions

View More Questions