'हस्तु' धातु रूप का वचन एवं पुरुष है
Step 1: धातु रूप का अर्थ.
'हस्तु' = 'हो' धातु का प्रयोग है, जिसका अर्थ है — "होने दे" या "हो"। यह आज्ञार्थक लकार में प्रयोग होता है।
Step 2: पुरुष की पहचान.
'हस्तु' का प्रयोग प्रथम पुरुष (वह) के लिए होता है। उदाहरण — सः हस्तु (वह हो)।
Step 3: वचन की पहचान.
यहाँ एकवचन का रूप है, क्योंकि केवल एक के लिए प्रयोग है।
Step 4: निष्कर्ष.
अतः 'हस्तु' = एकवचन, प्रथम पुरुष।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
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