'हसिष्यथः' धातु का वचन एवं पुरुष है:
Step 1: धातु और लकार का विश्लेषण.
'हसिष्यथः' शब्द 'हस्' (हँसना) धातु से बना है और यह लृट् लकार (भविष्यत् काल) का रूप है।
Step 2: रूप विश्लेषण.
लृट् लकार में मध्यम पुरुष द्विवचन के लिए प्रत्यय 'थः' लगता है — जैसे 'हसिष्यथः' = 'तुम दोनों हँसोगे'।
Step 3: निष्कर्ष.
इसलिए 'हसिष्यथः' धातु का रूप द्विवचन, मध्यम पुरुष है।
वाच्यपरिवर्तनं कुरुत: 'अहं जलं पिबामि'।
'पठ्' धातोः लट् लकारस्य प्रथमपुरुषस्य रूपाणि लिखत।
अधोलिखितानां पदानां विभक्तिं वचनं च लिखत।
सन्धिं कुरुत: 'विद्या + अर्थी' तथा 'गच्छन् + अपि'।
'गन्तुम्' इति पदे कः प्रत्ययः प्रयुक्तः?