'हसिष्यथः' धातु का वचन एवं पुरुष है:
Step 1: धातु और लकार का विश्लेषण.
'हसिष्यथः' शब्द 'हस्' (हँसना) धातु से बना है और यह लृट् लकार (भविष्यत् काल) का रूप है।
Step 2: रूप विश्लेषण.
लृट् लकार में मध्यम पुरुष द्विवचन के लिए प्रत्यय 'थः' लगता है — जैसे 'हसिष्यथः' = 'तुम दोनों हँसोगे'।
Step 3: निष्कर्ष.
इसलिए 'हसिष्यथः' धातु का रूप द्विवचन, मध्यम पुरुष है।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :
'फलेन' शब्द का वचन एवं विभक्ति है :
'अपठम्' धातु का वचन एवं पुरुष है :
'नद्या:' शब्द का वचन और विभक्ति है:
'फलात्' शब्द की विभक्ति एवं वचन हैं :
'हसति' शब्द का पुरुष एवं वचन है :