Question:

बीटा ग्लोबिन जीन का छठा उत्परिवर्ती कोडॉन, जो हीमोग्लोबिन के बहुलकीकरण और RBC आकार में परिवर्तन का कारण बनता है, यह है। 
 

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दात्र-कोशिका अरक्तता के लिए उत्परिवर्तन को याद रखें: GAG (Glu) \(\rightarrow\) GUG (Val)। यह बिंदु उत्परिवर्तन का एक क्लासिक उदाहरण है।
Updated On: May 4, 2026
  • CAG
  • GUG
  • AUG
  • GAG
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collegedunia
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में दात्र-कोशिका अरक्तता (sickle-cell anaemia) का कारण बनने वाले बीटा-ग्लोबिन जीन में उत्परिवर्तित छठे कोडॉन के बारे में पूछा गया है।
चरण 2: दात्र-कोशिका अरक्तता के आणविक आधार का विश्लेषण:

• दात्र-कोशिका अरक्तता बीटा-ग्लोबिन जीन में एक बिंदु उत्परिवर्तन (point mutation) के कारण होती है।
• सामान्य बीटा-ग्लोबिन जीन में, छठा कोडॉन GAG होता है। यह कोडॉन अमीनो अम्ल ग्लूटामिक अम्ल (Glutamic acid) के लिए कूटलेखन करता है।
• उत्परिवर्तन में, इस कोडॉन के दूसरे क्षार में एक एकल क्षार प्रतिस्थापन (A से U) होता है, जिससे GAG कोडॉन GUG में बदल जाता है।
GUG कोडॉन अमीनो अम्ल वैलीन (Valine) के लिए कूटलेखन करता है।
• यह एकल अमीनो अम्ल परिवर्तन (ग्लूटामिक अम्ल से वैलीन) हीमोग्लोबिन अणु की संरचना को बदल देता है, जिससे यह कम ऑक्सीजन की स्थिति में बहुलकीकृत हो जाता है और लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) को दरांती का आकार देता है। चरण 3: अंतिम उत्तर:
उत्परिवर्तित कोडॉन जो वैलीन के लिए कूटलेखन करता है और इस रोग का कारण बनता है, वह GUG है। सामान्य कोडॉन GAG है। प्रश्न में "उत्परिवर्ती कोडॉन" पूछा गया है। अतः, सही उत्तर विकल्प (B) है।
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