Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के लगभग 60 शब्दों में उत्तर दीजिए :

‘बात सीधी थी पर’ कविता से उद्धृत पंक्ति ‘भाषा को सहूलियत से बरतने’ का अर्थ स्पष्ट करते हुए लिखिए कि कवि ने भाषा की सहजता पर क्यों बल दिया है ?

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कविता में पेंच कसने के बिंब को याद कीजिए और सोचिए कि ज़बरदस्ती से बात का क्या हुआ।
Updated On: Oct 31, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
'बात सीधी थी पर' कुँवर नारायण की कविता है।
इसमें कवि एक सीधी बात को कहने के लिए भाषा के आडंबर में उलझ जाने की समस्या दिखाते हैं।

चरण 2: 'भाषा को सहूलियत से बरतने' का अर्थ:
इसका अर्थ है – भाषा का प्रयोग सहजता, सरलता और स्वाभाविक ढंग से करना।
बात के अनुसार शब्द चुनना, उस पर ज़बरदस्ती भारी-भरकम शब्द और चमत्कार न लादना।

चरण 3: सहजता पर बल क्यों:
कवि बताते हैं कि जब बात को प्रभावशाली बनाने के लिए भाषा को तोड़ा-मरोड़ा गया, तो बात और उलझ गई और उसका असर खत्म हो गया।
सहज भाषा से ही भाव पाठक तक सीधे और स्पष्ट रूप में पहुँचता है।

अंतिम उत्तर:
'भाषा को सहूलियत से बरतना' का अर्थ है बात के अनुरूप सरल-स्वाभाविक भाषा का प्रयोग। कवि ने सहजता पर इसलिए बल दिया क्योंकि आडंबरपूर्ण भाषा कथ्य को उलझाकर उसका प्रभाव नष्ट कर देती है, जबकि सरल भाषा भाव को स्पष्ट रूप से पहुँचाती है।
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