Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए :

‘सूर्योदय के साथ कौन-सा जादू टूट जाता है ? ‘उषा’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

Show Hint

भोर के आकाश के पल-पल बदलते रंगों और बिंबों का जादू सूर्योदय होते ही टूट जाता है।
Updated On: Oct 27, 2026
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
‘उषा’ शमशेर बहादुर सिंह की कविता है। इसमें कवि ने प्रातःकाल के आकाश के बदलते रूपों को गाँव के जीवन के बिंबों से दिखाया है।

चरण 2: जादू क्या है:
सूर्योदय से पहले आकाश कभी नीले शंख जैसा, कभी राख से लीपे चौके जैसा, कभी काली सिल पर लाल केसर जैसा और कभी स्लेट पर लाल खड़िया जैसा दिखता है। ये क्षण-क्षण बदलते रंग और बिंब ही उषा का जादू हैं।

चरण 3: लगभग 40 शब्दों में उत्तर:
सूर्योदय होते ही आकाश के रंगों का बदलता सौंदर्य, जिसे कवि ने उषा का जादू कहा है, टूट जाता है। नीला शंख, लीपा चौका, केसर वाली सिल जैसे बिंब समाप्त हो जाते हैं और दिन का उजाला फैल जाता है।

अंतिम उत्तर:
सूर्योदय के साथ उषा का, यानी भोर के रंगों के बदलते सौंदर्य का जादू टूट जाता है।
Was this answer helpful?
0
0

Top CBSE CLASS XII Hindi Course-A Questions

View More Questions

Top CBSE CLASS XII उषा Questions

View More Questions