Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए :

‘हृदय थाम लेता संसार’ पंक्ति में संसार के हृदय थाम लेने का कारण ‘बादल राग’ कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

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बादल क्रांति के प्रतीक हैं। उनकी घोर गर्जना और वज्रपात से शोषक वर्ग को अपने विनाश का भय होता है।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
‘बादल राग’ सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की कविता है, जो ‘आरोह भाग-2’ में है। इसमें बादल क्रांति और परिवर्तन के प्रतीक हैं। प्रश्न की पंक्ति ‘हृदय थाम लेता संसार’ बादलों की गर्जना से जुड़ी है।

चरण 2: पंक्ति का भाव:
कवि कहता है कि बादलों की घोर गर्जना और वज्र की कड़क सुनकर सारा संसार भय से अपना हृदय थाम लेता है। यहाँ संसार से विशेष रूप से उस शोषक और संपन्न वर्ग का संकेत है, जिसे अपने विनाश का डर लगता है।

चरण 3: भयभीत होने का कारण:
बादल जब वज्रपात करते हैं तो ऊँचे और विशाल पर्वत-जैसे वीर भी क्षत-विक्षत होकर गिर पड़ते हैं। कवि के अनुसार पूँजीपतियों की अट्टालिकाएँ आतंक के भवन हैं। क्रांति की इस प्रलयंकारी शक्ति को देखकर वे घबरा जाते हैं। इसके विपरीत छोटे पौधे, यानी साधारण और शोषित जन, हँसते और हाथ हिलाकर बादल को बुलाते हैं।

चरण 4: लगभग 40 शब्दों का आदर्श उत्तर:
बादलों की भीषण गर्जना और वज्रपात क्रांति के भयंकर रूप को दर्शाते हैं। इस विनाशकारी शक्ति को देखकर संसार, विशेषकर शोषक पूँजीपति वर्ग, अपने नाश की आशंका से भयभीत होकर हृदय थाम लेता है, जबकि किसान और गरीब उसे आशा से पुकारते हैं।

अंतिम उत्तर:
बादलों की घोर गर्जना और वज्रपात क्रांति के भय का प्रतीक हैं, जिनसे संसार अपने विनाश की आशंका में हृदय थाम लेता है।
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