Question:

निम्नलिखित प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़कर किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए :

‘पतंग’ कविता में कवि ने बाल-मनोविज्ञान को किस प्रकार चित्रित किया है ?

Show Hint

बच्चे पतंग उड़ाते हुए निडर, बेसुध और उत्साह से भरे दिखते हैं। यही बाल-मन की चंचलता का चित्रण है।
Updated On: Oct 27, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: प्रसंग:
‘पतंग’ आलोक धन्वा की कविता है। इसमें भादों बीतने और शरद ऋतु आने पर पतंग उड़ाते बच्चों के उल्लास का चित्र है।

चरण 2: बाल-मनोविज्ञान के संकेत:
कविता में बच्चे बेसुध होकर दौड़ते हैं, छतों के खतरनाक किनारों तक चले जाते हैं और उन्हें गिरने का भय नहीं लगता। उनके शरीर में रोमांच और कोमलता है।
कवि कहता है कि पृथ्वी मानो उनके बेचैन पैरों के पास घूमती चली आती है।

चरण 3: मॉडल उत्तर (लगभग 40 शब्द):
कवि ने बच्चों की निडरता, उमंग और खेल के प्रति तन्मयता दिखाई है। पतंग उड़ाते समय वे खतरे की चिंता किए बिना छतों के किनारों तक पहुँच जाते हैं। उनका उत्साह और बेफ़िक्री बाल-मन की स्वाभाविक चंचलता को प्रकट करती है।

अंतिम उत्तर:
कविता में बाल-मन की निर्भीकता, उत्साह और सपनों की उड़ान का सुंदर चित्रण है।
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