Comprehension

तकनीक की हर नई छलांग उत्साह भी पैदा करती है और चिंता भी लाती है। ‘डीपमाइंड’ और ‘ओपनएआई’ जैसी कंपनियों द्वारा बनाए गए नए स्मार्ट चैटबॉट्स ने लोगों का मन मोह लिया है। इनमें इंसानों की तरह सवालों के जवाब देने की क्षमता है। ये बारीकियों की व्याख्या कर सकते हैं, साथ ही, तथ्यों को विश्वास के साथ साझा भी कर सकते हैं। ये चैटबॉट नए नहीं हैं। इंसानों के संवाद करने में सक्षम कंप्यूटर प्रोग्राम या चैटबॉट्स की अवधारणा का 1950 के दशक से ही एक इतिहास रहा है। शुरुआती चैटबॉट्स में से एक एलिजा है, जिसे 1960 के दशक में कंप्यूटर वैज्ञानिक जोसेफ वीजेनबाम ने प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी का परीक्षण करने के लिए बनाया था। यह कीवर्ड और वाक्यांशों का जवाब देकर सहज ढंग से संवाद कर सकता था। चैटजीपीटी को अभी तक का सबसे उन्नत चैटबॉट माना जा रहा है।

चैटजीपीटी को ओपनएआई द्वारा विकसित किया गया है। यह भाषा का एक मॉडल है, जो इंसानों की तरह ही प्रतिक्रिया करता है। कुछ चैटबॉट ज्यादा जटिल संवाद करने में भी सक्षम होते हैं और समय के साथ अपनी प्रतिक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए मशीन लर्निंग एल्गोरिदम का उपयोग करते हैं। अभी चैटजीपीटी सहित अधिकांश चैटबॉट्स अपने लिए सूचनाएँ एक विशाल, लेकिन एक सीमित दायरे से ही प्राप्त करते हैं। जैसे चैटजीपीटी का ताजा संस्करण 2021 के अंत तक संचित हुई सूचनाओं तक सीमित है। चैटबॉट अपनी प्रतिक्रिया में कहीं अधिक मुखर हैं और किसी जिज्ञासा पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं जबकि ऐसा करना गूगल या बिंग के लिए मुश्किल है। हालाँकि, चैटजीपीटी की इंसानों जैसी प्रतिक्रिया में सूचना स्रोत का जिक्र नहीं होता और न ही कोई लिंक या उद्धरण दिया जाता है। इसके साथ आसान बातचीत ने दुनियाभर में धूम मचा दी है। उत्साही लोग तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं। हर संवाद के साथ चैटबॉट का भी परीक्षण और प्रशिक्षण चल रहा है।

फिर भी एक चैटबॉट सब कुछ नहीं जानता, जबकि इसका इजहार या इसकी अभिव्यक्ति या लेखन इंसानों की तरह ही है। इसकी जानकारी गलत और दोषपूर्ण भी हो सकती है। इनको अभी भी कई बाधाओं या हदों को पार करना है, सूचनाओं को बढ़ाना है। कई भाषाओं के विकल्पों के साथ डिजिटल संचार पाठ से आवाज की ओर बढ़ रहा है। हर शब्द स्वरबद्ध होता जा रहा है। एलेक्सा जैसे सर्च इंजन और आवाज आधारित अन्य सहायकों से आगे जाने के लिए चैटबॉट्स को ज्यादा सूचनाओं की जरूरत पड़ेगी। लोगों की जिज्ञासाओं को शब्दों से ही नहीं स-स्वर शांत करना होगा।

स्पैरो चैटबॉट जीपीटी की तुलना में कुछ बेहतर है। जल्द ही गलत सवालों को पहचानने वाले चैटबॉट भी आ जाएँगे। अगर समझदारी से इस्तेमाल हुआ, तो चैटबॉट हमारे बहुत काम आएँगे।

Question: 1

चैटबॉट्स से अभिप्राय है –

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चैट शब्द का अर्थ बातचीत है। गद्यांश में चैटबॉट को संवाद करने में सक्षम प्रोग्राम कहा गया है।
  • स्कूल में बच्चों को पढ़ाने वाली रोबोटिक मशीन
  • अंतरिक्ष में छिपे रहस्यों का पता लगाने वाली मशीन
  • ऐसी रोबोटिक मशीन जिससे मनुष्य बात कर सके
  • ऐसी रोबोटिक मशीन जो मनुष्य का काम कर सके
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The Correct Option is C

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चरण 1: गद्यांश में संबंधित पंक्ति खोजें:
गद्यांश में लिखा है - इंसानों के संवाद करने में सक्षम कंप्यूटर प्रोग्राम या चैटबॉट्स की अवधारणा का 1950 के दशक से ही एक इतिहास रहा है।
यह भी कहा गया है कि इनमें इंसानों की तरह सवालों के जवाब देने की क्षमता है।
अतः चैटबॉट वह मशीन या प्रोग्राम है जिससे मनुष्य बात कर सके।

चरण 2: अन्य विकल्पों की जाँच:
विकल्प 1 - स्कूल में बच्चों को पढ़ाने की बात गद्यांश में नहीं है।
विकल्प 2 - अंतरिक्ष के रहस्यों का गद्यांश में कोई उल्लेख नहीं है।
विकल्प 4 - मनुष्य का काम करने वाली मशीन सामान्य रोबोट है, चैटबॉट की मूल पहचान संवाद है।

चरण 3: निष्कर्ष:
चैटबॉट का मूल गुण मनुष्य से बातचीत करना है, इसलिए विकल्प 3 सही है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 3 - ऐसी रोबोटिक मशीन जिससे मनुष्य बात कर सके।
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Question: 2

चैटबॉट्स द्वारा लोगों का मन मोहने का कारण इनमें से नहीं है :

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गद्यांश में देखें कि चैटजीपीटी की प्रतिक्रिया में किस चीज़ का जिक्र नहीं होता।
  • इंसानों से संवाद करना।
  • विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी जानकारी प्रदान करना।
  • तथ्यों को विश्वसनीय ढंग से प्रस्तुत करना।
  • सूचना के स्रोतों की जानकारी प्रदान करना।
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The Correct Option is D

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चरण 1: मन मोहने के कारण पहचानें:
गद्यांश के अनुसार चैटबॉट्स में इंसानों की तरह सवालों के जवाब देने की क्षमता है।
ये बारीकियों की व्याख्या कर सकते हैं और तथ्यों को विश्वास के साथ साझा कर सकते हैं।
इसलिए विकल्प 1, 2 और 3 मन मोहने के कारण हैं।

चरण 2: विकल्प 4 की जाँच:
गद्यांश में स्पष्ट लिखा है - चैटजीपीटी की इंसानों जैसी प्रतिक्रिया में सूचना स्रोत का जिक्र नहीं होता और न ही कोई लिंक या उद्धरण दिया जाता है।
अतः सूचना के स्रोत बताना चैटबॉट का गुण नहीं, बल्कि उसकी कमी है।

चरण 3: निष्कर्ष:
प्रश्न में वह कारण पूछा गया है जो मन मोहने का कारण नहीं है, वह विकल्प 4 है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 4 - सूचना के स्रोतों की जानकारी प्रदान करना।
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Question: 3

गूगल या बिंग की तुलना में चैटबॉट्स के अधिक प्रभावशाली होने का कारण है –

Show Hint

गद्यांश में वह वाक्य खोजें जिसमें गूगल और बिंग का नाम आया है।
  • उपयोगकर्ता के साथ सहज ढंग से संवाद करना।
  • प्रतिक्रिया में मुखर होना और जिज्ञासा पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना।
  • छात्रों द्वारा अपना होमवर्क करने या निबंध लिखने में इसका प्रयोग करना।
  • अपनी बात के समर्थन में सूचना स्रोत का उल्लेख करना।
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The Correct Option is B

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चरण 1: गद्यांश की पंक्ति:
गद्यांश में लिखा है - चैटबॉट अपनी प्रतिक्रिया में कहीं अधिक मुखर हैं और किसी जिज्ञासा पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करते हैं जबकि ऐसा करना गूगल या बिंग के लिए मुश्किल है।
यही पंक्ति गूगल या बिंग से चैटबॉट की तुलना करती है।

चरण 2: अन्य विकल्पों की जाँच:
विकल्प 1 - सहज संवाद चैटबॉट का गुण है, पर गूगल या बिंग से तुलना में यह कारण नहीं बताया गया।
विकल्प 3 - होमवर्क या निबंध लिखने की बात गद्यांश में नहीं है।
विकल्प 4 - चैटबॉट सूचना स्रोत का उल्लेख नहीं करते, अतः यह गलत है।

चरण 3: निष्कर्ष:
तुलना का सीधा कारण मुखर होना और जिज्ञासा पर ध्यान केंद्रित करना है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 2 - प्रतिक्रिया में मुखर होना और जिज्ञासा पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना।
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Question: 4

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

(I) चैटबॉट्स जटिल संवाद करने में सक्षम हैं।

(II) चैटबॉट्स का विकास मानव जीवन के एकाकीपन को दूर करने में सक्षम है।

(III) चैटबॉट्स मानव द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब अपने विवेक के आधार पर देता है।

(IV) भविष्य में चैटबॉट्स सही गलत को पहचानने में सक्षम होंगे।

गद्यांश के अनुसार कौन-सा/से कथन सही है/हैं ?

Show Hint

जटिल संवाद और गलत सवालों को पहचानने वाली पंक्तियाँ गद्यांश में खोजें।
  • केवल कथन (I) सही है।
  • केवल कथन (III) सही है।
  • कथन (I) और (IV) सही हैं।
  • कथन (II) और (III) सही हैं।
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The Correct Option is C

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चरण 1: कथन (I) की जाँच:
गद्यांश में लिखा है - कुछ चैटबॉट ज्यादा जटिल संवाद करने में भी सक्षम होते हैं। अतः कथन (I) सही है।

चरण 2: कथन (II) और (III) की जाँच:
मानव जीवन के एकाकीपन को दूर करने की बात गद्यांश में कहीं नहीं है, अतः कथन (II) गलत है।
चैटबॉट अपने विवेक से नहीं, बल्कि सीमित दायरे की संचित सूचनाओं के आधार पर जवाब देते हैं, अतः कथन (III) गलत है।

चरण 3: कथन (IV) की जाँच:
गद्यांश में लिखा है - जल्द ही गलत सवालों को पहचानने वाले चैटबॉट भी आ जाएँगे। अर्थात भविष्य में चैटबॉट सही और गलत को पहचान सकेंगे। अतः कथन (IV) सही है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 3 - कथन (I) और (IV) सही हैं।
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Question: 5

निम्नलिखित कथन और कारण को ध्यानपूर्वक पढ़िए और सही विकल्प चुनकर लिखिए :

कथन : तकनीकी प्रगति उत्साह के साथ-साथ चिंता का कारण भी है।

कारण : यह जीवन को सरल बनाने के साथ जटिल बना रही है।

Show Hint

सोचिए कि जो तकनीक जीवन को सरल और जटिल दोनों बनाए, वह उत्साह और चिंता दोनों क्यों पैदा करती है।
  • कथन सही है, कारण गलत है।
  • कथन सही नहीं है, कारण सही है।
  • कथन तथा कारण दोनों सही हैं, किंतु कारण कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
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The Correct Option is D

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चरण 1: कथन की जाँच:
गद्यांश की पहली पंक्ति है - तकनीक की हर नई छलांग उत्साह भी पैदा करती है और चिंता भी लाती है। अतः कथन सही है।

चरण 2: कारण की जाँच:
चैटबॉट से आसान बातचीत और तरह-तरह के सवालों के जवाब जीवन को सरल बनाते हैं, यही उत्साह का कारण है।
दूसरी ओर इसकी जानकारी गलत और दोषपूर्ण भी हो सकती है और स्रोत का उल्लेख नहीं होता, इससे जीवन में नई उलझनें आती हैं, यही चिंता का कारण है।
अतः कारण भी सही है।

चरण 3: संबंध की जाँच:
तकनीक जीवन को सरल भी बनाती है और जटिल भी, इसी दोहरे प्रभाव से उत्साह और चिंता दोनों उत्पन्न होते हैं। अतः कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 4 - कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण कथन की सही व्याख्या करता है।
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Question: 6

‘एक चैटबॉट सब कुछ नहीं जानता’ – लेखक के इस कथन का कारण है –

Show Hint

गद्यांश में इस कथन के ठीक बाद वाला वाक्य पढ़िए।
  • चैटबॉट द्वारा कभी-कभी गलत और दोषपूर्ण जानकारी देना।
  • चैटबॉट में संचित सूचनाओं का सीमित दायरे में होना।
  • चैटबॉट का हर संवाद के साथ परीक्षण और प्रशिक्षण चलना।
  • इंसानों जैसी प्रतिक्रिया में लिंक या उदाहरण न दे पाना।
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The Correct Option is A

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चरण 1: कथन का संदर्भ:
गद्यांश के तीसरे अनुच्छेद में लिखा है - फिर भी एक चैटबॉट सब कुछ नहीं जानता, जबकि इसका इजहार या लेखन इंसानों की तरह ही है। इसकी जानकारी गलत और दोषपूर्ण भी हो सकती है।
कथन के ठीक बाद लेखक इसका कारण बताता है कि जानकारी गलत और दोषपूर्ण हो सकती है।

चरण 2: अन्य विकल्पों की जाँच:
विकल्प 2 - सीमित दायरे की बात दूसरे अनुच्छेद में सूचना-स्रोत के संदर्भ में आई है, इस कथन के कारण के रूप में नहीं।
विकल्प 3 - परीक्षण और प्रशिक्षण चलना एक प्रक्रिया है, कमी का कारण नहीं।
विकल्प 4 - लिंक या उद्धरण न देना अलग कमी है, इससे यह सिद्ध नहीं होता कि चैटबॉट सब कुछ नहीं जानता।

चरण 3: निष्कर्ष:
लेखक के कथन का सीधा कारण गलत और दोषपूर्ण जानकारी देना है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 1 - चैटबॉट द्वारा कभी-कभी गलत और दोषपूर्ण जानकारी देना।
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Question: 7

सबसे प्राचीन चैटबॉट का नाम है –

Show Hint

गद्यांश में शुरुआती चैटबॉट और 1960 के दशक का उल्लेख खोजें।
  • एलेक्सा
  • एलिजा
  • स्पैरो
  • चैटजीपीटी
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The Correct Option is B

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चरण 1: गद्यांश की पंक्ति:
गद्यांश में लिखा है - शुरुआती चैटबॉट्स में से एक एलिजा है, जिसे 1960 के दशक में कंप्यूटर वैज्ञानिक जोसेफ वीजेनबाम ने बनाया था।
अतः गद्यांश में वर्णित सबसे पुराना चैटबॉट एलिजा है।

चरण 2: अन्य विकल्पों की जाँच:
एलेक्सा को आवाज आधारित सहायक कहा गया है, यह नया है।
स्पैरो को चैटजीपीटी से कुछ बेहतर बताया गया है, यह भी नया है।
चैटजीपीटी को अब तक का सबसे उन्नत चैटबॉट कहा गया है, अर्थात यह आधुनिक है।

चरण 3: निष्कर्ष:
1960 के दशक में बना एलिजा ही सबसे प्राचीन है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 2 - एलिजा।
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Question: 8

चैटबॉट्स की सबसे बड़ी कमी है –

Show Hint

गद्यांश के अंतिम अनुच्छेद में देखें कि भविष्य में कैसे चैटबॉट आने की बात कही गई है।
  • गलत सवालों को पहचानने की क्षमता का न होना।
  • सूचनाओं का सीमित भंडार में होना।
  • स्रोतों का हवाला देने की क्षमता का न होना।
  • जानकारी के दोषपूर्ण होने की संभावना का होना।
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The Correct Option is A

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चरण 1: गद्यांश की अंतिम बात:
गद्यांश के अंतिम अनुच्छेद में लिखा है - जल्द ही गलत सवालों को पहचानने वाले चैटबॉट भी आ जाएँगे।
इसका अर्थ है कि अभी के चैटबॉट गलत सवालों को नहीं पहचान पाते। लेखक इसी कमी के दूर होने की आशा करता है।

चरण 2: अन्य विकल्पों पर विचार:
सीमित भंडार, स्रोत न बताना और दोषपूर्ण जानकारी - ये भी कमियाँ हैं, पर ये इस मूल कमी से जुड़ी हैं।
जो मशीन गलत सवाल को नहीं पहचानती, वह उस पर भी उत्तर दे देती है, जिससे गलत और दोषपूर्ण जानकारी फैलती है।
इसलिए लेखक ने भविष्य के सुधार के रूप में इसी कमी को चुना है।

चरण 3: निष्कर्ष:
सबसे बड़ी कमी गलत सवालों को पहचानने की क्षमता का न होना है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 1 - गलत सवालों को पहचानने की क्षमता का न होना।
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Question: 9

एलिजा चैटबॉट की रचना की गई थी –

Show Hint

गद्यांश में वह पंक्ति देखिए जिसमें जोसेफ वीजेनबाम द्वारा एलिजा बनाए जाने का कारण बताया गया है।
  • प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण हेतु
  • मनुष्यों से संवाद करने हेतु
  • मानवीय कार्यों में मदद करने हेतु
  • सूचनाओं के भंडार-संकलन हेतु
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

चरण 1: गद्यांश में संबंधित पंक्ति खोजें:
गद्यांश के पहले अनुच्छेद में एलिजा के बारे में लिखा है।
पंक्ति है – ‘शुरुआती चैटबॉट्स में से एक एलिजा है, जिसे 1960 के दशक में कंप्यूटर वैज्ञानिक जोसेफ वीजेनबाम ने प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी का परीक्षण करने के लिए बनाया था।’
इससे स्पष्ट है कि एलिजा की रचना का उद्देश्य प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण से जुड़ा था।

चरण 2: सही विकल्प की पुष्टि करें:
विकल्प (1) ‘प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण हेतु’ गद्यांश के शब्दों से सीधे मेल खाता है।
इसलिए यही सही उत्तर है।

चरण 3: अन्य विकल्पों की जाँच करें:
विकल्प (2) ‘मनुष्यों से संवाद करने हेतु’ – एलिजा संवाद कर सकता था, यह उसकी क्षमता थी, रचना का उद्देश्य नहीं।
विकल्प (3) ‘मानवीय कार्यों में मदद करने हेतु’ – गद्यांश में एलिजा के लिए ऐसा उद्देश्य नहीं बताया गया है।
विकल्प (4) ‘सूचनाओं के भंडार-संकलन हेतु’ – सूचनाओं के सीमित दायरे की बात चैटजीपीटी के लिए कही गई है, एलिजा के लिए नहीं।

अंतिम उत्तर:
(1) प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण हेतु
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Question: 10

‘डिजिटल दुनिया पाठ से आवाज की ओर बढ़ रही है’ – पंक्ति से अभिप्राय है –

Show Hint

‘हर शब्द स्वरबद्ध होता जा रहा है’ वाली पंक्ति पर ध्यान दीजिए और ‘केवल’ वाले विकल्पों से बचिए।
  • लिखित शब्दों का महत्त्व कम हो रहा है।
  • इस दुनिया में स्वरबद्ध शब्दों का महत्त्व बढ़ रहा है।
  • यह दुनिया केवल स-स्वर शब्दों से जुड़ रही है।
  • यह दुनिया लिखित छोड़ केवल मौखिक की ओर बढ़ रही है।
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: गद्यांश में पंक्ति का संदर्भ देखें:
तीसरे अनुच्छेद में लिखा है – ‘कई भाषाओं के विकल्पों के साथ डिजिटल संचार पाठ से आवाज की ओर बढ़ रहा है। हर शब्द स्वरबद्ध होता जा रहा है।’
अगली पंक्ति में कहा गया है कि लोगों की जिज्ञासाओं को शब्दों से ही नहीं, स-स्वर भी शांत करना होगा।

चरण 2: अर्थ स्पष्ट करें:
इसका अर्थ है कि अब लिखे शब्दों के साथ-साथ बोले गए, स्वर वाले शब्दों का महत्त्व बढ़ रहा है।
अतः विकल्प (2) ‘इस दुनिया में स्वरबद्ध शब्दों का महत्त्व बढ़ रहा है’ सही है।

चरण 3: अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
विकल्प (1) – गद्यांश लिखित शब्दों का महत्त्व कम होने की बात नहीं करता।
विकल्प (3) – ‘केवल’ स-स्वर शब्दों से जुड़ने की बात नहीं कही गई है, ‘शब्दों से ही नहीं’ कहा गया है, यानी शब्द भी रहेंगे।
विकल्प (4) – लिखित को पूरी तरह छोड़ने की बात गद्यांश में कहीं नहीं है।

अंतिम उत्तर:
(2) इस दुनिया में स्वरबद्ध शब्दों का महत्त्व बढ़ रहा है।
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