निम्नलिखित पंक्तियों में उद्धृत रस पहचानकर उनके नाम लिखिए (कोई दो):
(1) सुकुकु-सुकुकु नास से पित्त (मवाद) निकल रहा है,
नाकिका से स्रवण पदार्थ निकल रहा है।
(2) राम के रूप निहारति जानकी, कंकन के मन की परछाई।
यामिनी बैरु भुली गई, कर टेंकति ऐर तारता नाही।।
(3) माला फेरत जुग गया, मन न फिरतो फेर।
कर का मनका फेर दे, मन का मनका फेर।।
(4) तू दयालु दीन बंधु, तू तारन के अधिकारी।
हिं प्रबल दुःख पातकी, तू प्रभु पुकारारी।।