Question:

‘थोड़ा बहुत झूठ बोलना’ के समर्थन में भक्तिन अपना आदर्श किसे मानती थी ? 
 

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यदि कोई पात्र अपने विचार को किसी चरित्र से जोड़ता है, तो उस पात्र का नाम उत्तर में सही ढंग से पहचानना ज़रूरी होता है — यह प्रतीकात्मक व्याख्या में मदद करता है।
Updated On: Jan 14, 2026
  • हरिश्चंद्र
  • यमराज
  • युधिष्ठिर
  • महादेवी
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collegedunia
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

गद्यांश में भक्तिन अपने विचारों का समर्थन करने के लिए यमराज का उल्लेख करती है। वह कहती है कि “यमराज भी कभी-कभी थोड़ा झूठ बोल देते होंगे।”
यह पंक्ति इस बात का संकेत है कि भक्तिन अपने व्यवहार — विशेषतः “थोड़ा बहुत झूठ बोलना” — को सामान्य और मानवीय मानती थी, और इसे उचित ठहराने के लिए यमराज जैसे देवता को भी उदाहरणस्वरूप प्रस्तुत करती है।
यह दर्शाता है कि भक्तिन सीधे-सादे, व्यावहारिक जीवन की पक्षधर थी, और जीवन में कभी-कभार ‘झूठ’ को वह नैतिक दोष नहीं मानती थी, बल्कि परिस्थिति की मांग समझती थी।
यमराज जैसे न्याय के देवता को उदाहरण बनाकर वह अपनी व्यावहारिक नैतिकता को दर्शाती है।
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