Question:

“सूरदास जैसे व्यक्ति वास्तविक चरित्र की जगह आदर्श व्यक्ति प्रतीत होते हैं” — ऐसा सूरदास के किन गुणों के आधार पर कहा जा सकता है? उसके गुणों की वर्तमान समाज में आज और अधिक आवश्यकता क्यों है? 
 

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आदर्श व्यक्ति समाज के नैतिक पथ-प्रदर्शक होते हैं — वे भले ही वास्तविकता में दुर्लभ हों, पर उनके गुणों की आवश्यकता चिरस्थायी होती है।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

सूरदास जैसे पात्र समाज में उन गुणों के प्रतीक होते हैं जो आज के यथार्थ से दूर, परंतु नैतिक दृष्टि से अत्यंत आवश्यक हैं।
सूरदास में निम्नलिखित गुण थे —
1. सत्यनिष्ठा: वह परिस्थितियों से डिगे बिना सत्य के पक्ष में खड़ा रहा।
2. सहिष्णुता और धैर्य: उसने सामाजिक तिरस्कार सहकर भी आत्म-संयम नहीं खोया।
3. संवेदना और आत्मबल: वह अपनी दृष्टिहीनता के बावजूद अन्याय और भ्रष्टाचार के विरुद्ध मुखर था।
वर्तमान समाज में ऐसे आदर्श व्यक्तित्व की आवश्यकता इसलिए अधिक है क्योंकि आज के समाज में नैतिक पतन, स्वार्थ और संवेदनहीनता बढ़ती जा रही है।
सूरदास जैसे चरित्र हमें यह सिखाते हैं कि मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहना ही सच्ची मानवता है।
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