'श्रद्धा' का विलोम 'घृणा' है। श्रद्धा का अर्थ होता है विश्वास और सम्मान, जबकि घृणा इसका विपरीत अर्थ है, जो नफरत या तिरस्कार को दर्शाता है।
श्रद्धा शब्द का प्रयोग आमतौर पर किसी व्यक्ति, वस्तु, या विचार के प्रति गहरे विश्वास और भक्ति को व्यक्त करने के लिए किया जाता है। यह सकारात्मक भावना है जो सहानुभूति, समर्पण और सम्मान के साथ जुड़ी होती है। दूसरी ओर, घृणा एक नकारात्मक भावना है, जिसमें व्यक्ति या वस्तु के प्रति कटुता, नापसंदगी और द्वेष होता है। दोनों शब्द सामाजिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से एक-दूसरे के पूरक विरोधी हैं, जो मानवीय भावनाओं के विभिन्न पहलुओं को दर्शाते हैं।