'जल' शब्द पुलिंग (masculine) है। हिंदी में यह शब्द सामान्यत: पुलिंग के रूप में प्रयोग होता है, जैसे 'जल का स्रोत', 'जल की महत्ता' आदि।
यह शब्द संस्कृत से लिया गया है और हिंदी व्याकरण में इसका प्रयोग पुरुषवाचक संज्ञा के रूप में होता है। 'जल' का अर्थ होता है पानी या तरल पदार्थ, जो जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है। हिंदी में इसके साथ जो क्रिया या विशेषण जुड़ते हैं, वे पुलिंग रूप में होते हैं, जैसे 'शुद्ध जल', 'ठंडा जल' आदि। हालांकि, बोलचाल की भाषा में कभी-कभी 'जल' को स्त्रीलिंग की तरह भी प्रयोग किया जाता है, लेकिन साहित्यिक और व्याकरणिक दृष्टि से इसे पुलिंग ही माना जाता है।