Comprehension

हो जाए न पथ में रात कहीं,

मंज़िल भी तो है दूर नहीं –

यह सोच थका दिन का पंथी भी जल्दी-जल्दी चलता है !

दिन जल्दी-जल्दी ढलता है !

बच्चे प्रत्याशा में होंगे,

नीड़ों से झाँक रहे होंगे –

यह ध्यान परों में चिड़ियों के भरता कितनी चंचलता है !

दिन जल्दी-जल्दी ढलता है !

मुझसे मिलने को कौन विकल ?

मैं होऊँ किसके हित चंचल ?

यह प्रश्न शिथिल करता पद को, भरता उर में विह्वलता है !

दिन जल्दी-जल्दी ढलता है !

Question: 1

बच्चों का नीड़ों से झाँकने का संभावित कारण है :

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‘बच्चे प्रत्याशा में होंगे’ पंक्ति देखिए। बच्चे माता-पिता से मिलने वाले स्नेह, सुरक्षा और भोजन की आशा में झाँकते हैं।
Updated On: Oct 27, 2026
  • रात्रि का अंधकारयुक्त भयावह वातावरण
  • माता-पिता प्रदत्त स्नेह, सुरक्षा और भोजन
  • माता-पिता का सुबह से नीड़ों से बाहर होना
  • नीड़ और आसपास के वातावरण में पसरा सन्नाटा
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

चरण 1: काव्यांश का संदर्भ:
यह काव्यांश हरिवंशराय बच्चन की कविता ‘एक गीत’ का है। संध्या होने पर थका हुआ राही जल्दी-जल्दी चलता है और पक्षी भी अपने घोंसलों की ओर लौटते हैं।

चरण 2: संबंधित पंक्तियाँ:
कविता में लिखा है ‘बच्चे प्रत्याशा में होंगे, नीड़ों से झाँक रहे होंगे’। यहाँ बच्चे अपने माता-पिता के लौटने की आशा में बाहर झाँक रहे हैं। यही आशा चिड़ियों के परों में चंचलता भरती है।

चरण 3: कारण की पहचान:
बच्चे इसलिए झाँकते हैं कि माता-पिता लौटेंगे तो उनका स्नेह, सुरक्षा और भोजन उन्हें मिलेगा। इसलिए सही विकल्प दूसरा है।

चरण 4: अन्य विकल्पों की जाँच:
पहला विकल्प ग़लत है क्योंकि काव्यांश में रात के भयावह अंधकार का वर्णन नहीं है, केवल रात हो जाने की आशंका है। तीसरा विकल्प ग़लत है क्योंकि माता-पिता का बाहर होना झाँकने का कारण नहीं, बल्कि स्थिति है। चौथा विकल्प ग़लत है क्योंकि सन्नाटे का कोई उल्लेख नहीं है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 2: माता-पिता प्रदत्त स्नेह, सुरक्षा और भोजन।
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Question: 2

दिन ढलते ही घर की ओर लौटती चिड़िया के परों में चंचलता है तो कवि के कदमों में :

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‘यह प्रश्न शिथिल करता पद को’ पंक्ति में उत्तर है। पद का अर्थ पैर है, इसलिए कवि के कदम शिथिल होते हैं।
Updated On: Oct 27, 2026
  • शिथिलता
  • व्याकुलता
  • गतिशीलता
  • भावुकता
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

चरण 1: काव्यांश का संदर्भ:
यह काव्यांश बच्चन की कविता ‘एक गीत’ से है। इसमें चिड़िया और कवि की मनःस्थिति की तुलना की गई है। चिड़िया के परों में बच्चों की याद से चंचलता आती है, जबकि कवि का मन उदास हो जाता है।

चरण 2: कवि के कदमों की स्थिति:
कवि सोचता है ‘मुझसे मिलने को कौन विकल ? मैं होऊँ किसके हित चंचल ?’ इसके बाद वह कहता है ‘यह प्रश्न शिथिल करता पद को’। अर्थात यह प्रश्न उसके पैरों को शिथिल, यानी ढीला और सुस्त कर देता है।

चरण 3: विकल्पों की जाँच:
विकल्प 1 शिथिलता है, जो पंक्ति में सीधे आया है, इसलिए यही सही है। विकल्प 2 व्याकुलता ग़लत है क्योंकि विह्वलता कवि के हृदय (उर) में भरती है, कदमों में नहीं। विकल्प 3 गतिशीलता ग़लत है क्योंकि चंचलता चिड़िया के परों में है, कवि के कदम तो ढीले पड़ते हैं। विकल्प 4 भावुकता कदमों से संबंधित गुण ही नहीं है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 1: शिथिलता।
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Question: 3

निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :

कथन : चिड़िया शीघ्रातिशीघ्र अपनी मंज़िल तक पहुँचना चाहती है।

कारण : गहराती संध्या उसे उसके बच्चों के लिए चिंतित कर रही है।

विकल्प :

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चिड़िया बच्चों की आशा और गहराती संध्या के कारण जल्दी घर पहुँचना चाहती है, इसलिए कथन और कारण दोनों सही हैं।
Updated On: Oct 27, 2026
  • कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं।
  • कारण सही है, लेकिन कथन ग़लत है।
  • कथन सही है, लेकिन कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं करता है।
  • कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

चरण 1: कथन की जाँच:
कथन है कि चिड़िया शीघ्रातिशीघ्र अपनी मंज़िल तक पहुँचना चाहती है। काव्यांश में ‘मंज़िल भी तो है दूर नहीं’ और ‘दिन जल्दी-जल्दी ढलता है’ के साथ चिड़ियों के परों में चंचलता का वर्णन है। इससे स्पष्ट है कि वे जल्दी घर पहुँचना चाहती हैं। इसलिए कथन सही है।

चरण 2: कारण की जाँच:
कारण है कि गहराती संध्या उसे उसके बच्चों के लिए चिंतित कर रही है। ‘बच्चे प्रत्याशा में होंगे, नीड़ों से झाँक रहे होंगे’ से बच्चों की चिंता और उनसे मिलने की उत्कंठा प्रकट होती है। इसलिए कारण भी सही है।

चरण 3: संबंध की जाँच:
चिड़िया इसीलिए जल्दी करती है कि संध्या गहरा रही है और बच्चे उसकी राह देख रहे हैं। इसलिए कारण कथन की सही व्याख्या करता है।

चरण 4: विकल्पों का निर्णय:
विकल्प 1 ग़लत है क्योंकि दोनों सही हैं। विकल्प 2 ग़लत है क्योंकि कथन भी सही है। विकल्प 3 ग़लत है क्योंकि कारण ही कथन को स्पष्ट करता है। विकल्प 4 सही है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 4: कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
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Question: 4

काव्यांश के मूल भाव को स्पष्ट करने वाला/वाले कथन है/हैं :

I. बीता हुआ समय लौटकर नहीं आता।

II. गतिशील समय के साथ चलते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए संघर्ष करना चाहिए।

III. अपनों से मिलन की आशा हमारे प्रयासों में तीव्रता लाती है।

उचित विकल्प का चयन कर लिखिए :

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काव्यांश में बीते समय का भाव नहीं है। राही का लक्ष्य के लिए तेज़ चलना और अपनों से मिलने की आशा ही मूल भाव हैं।
Updated On: Oct 27, 2026
  • केवल III
  • I और II
  • II और III
  • I, II और III
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The Correct Option is C

Solution and Explanation

चरण 1: काव्यांश का मूल भाव:
कविता ‘एक गीत’ में दिन जल्दी-जल्दी ढलता है और राही अपनी मंज़िल पर रात होने से पहले पहुँचने के लिए तेज़ चलता है। पक्षी भी बच्चों से मिलने की आशा में तेज़ी से लौटते हैं। कवि अकेलेपन के कारण शिथिल हो जाता है। इसका केंद्रीय भाव है कि समय गतिशील है, इसलिए लक्ष्य के लिए प्रयास आवश्यक है, और अपनों से मिलने की आशा गति को बढ़ाती है।

चरण 2: कथनों की जाँच:
कथन I में कहा गया है कि बीता हुआ समय लौटकर नहीं आता। काव्यांश में बीते समय पर कोई चर्चा नहीं है, वह ढलते दिन और आने वाली रात की बात करता है। इसलिए यह मूल भाव नहीं है। कथन II सही है क्योंकि पंथी मंज़िल पाने के लिए जल्दी चलता है। कथन III सही है क्योंकि बच्चों की प्रत्याशा चिड़ियों के परों में तीव्रता भरती है।

चरण 3: विकल्पों का चयन:
केवल II और III सही हैं, जो विकल्प 3 में दिए हैं। विकल्प 1 अधूरा है, विकल्प 2 और 4 में कथन I जुड़ने से ग़लत हैं।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 3: II और III।
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Question: 5

‘दिन जल्दी-जल्दी ढलता है’ – कथन की आवृत्ति संकेत करती है :

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‘जल्दी-जल्दी’ शब्द और पंक्ति की आवृत्ति समय के तेज़ी से बीतने, अर्थात उसकी गतिशीलता को दर्शाती है।
Updated On: Oct 27, 2026
  • समय की गतिशीलता की ओर
  • काव्यांश के तुकान्त शब्दों की ओर
  • संध्या के आगमन की ओर
  • कवि की रचनात्मकता की ओर
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

चरण 1: पंक्ति का संदर्भ:
‘दिन जल्दी-जल्दी ढलता है’ हरिवंशराय बच्चन की कविता ‘एक गीत’ की टेक (बार-बार दोहराई जाने वाली पंक्ति) है। यह हर पद के अंत में आती है।

चरण 2: आवृत्ति का अर्थ:
आवृत्ति का अर्थ है किसी बात का बार-बार आना। कवि इस पंक्ति को बार-बार इसलिए दोहराता है कि संध्या के क्षण तेज़ी से बीत रहे हैं। पंथी और पक्षी, दोनों इसी तेज़ी के कारण जल्दी-जल्दी चलते हैं।

चरण 3: विकल्पों की जाँच:
विकल्प 1 समय की गतिशीलता की ओर संकेत है, जो सही है, क्योंकि पंक्ति का भाव ही समय का तेज़ी से बीतना है। विकल्प 2 ग़लत है क्योंकि पंक्ति का उद्देश्य तुक दिखाना नहीं है। विकल्प 3 आंशिक है, संध्या का आगमन पृष्ठभूमि है पर बार-बार दोहराने का मुख्य संकेत समय की गति है। विकल्प 4 ग़लत है क्योंकि कवि की रचनात्मकता का प्रदर्शन आशय नहीं है।

अंतिम उत्तर:
विकल्प 1: समय की गतिशीलता की ओर।
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