Question:

‘प्रेमचन्द जी विनोदी स्वभाव के थे।’ इस कथन के समर्थन में ‘प्रेमचन्द की छाया स्मृति’ पाठ से उदाहरण दीजिए।

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चरित्र विश्लेषण करते समय उनके व्यवहारिक उदाहरण अवश्य दें।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

‘प्रेमचन्द की छाया स्मृति’ पाठ से स्पष्ट होता है कि प्रेमचन्द जी केवल गंभीर साहित्यकार ही नहीं थे, बल्कि उनमें विनोदी स्वभाव भी भरा हुआ था।
वे अपने आस-पास की घटनाओं को हास्य और व्यंग्य के साथ प्रस्तुत करना जानते थे।
पाठ में एक प्रसंग है, जब लेखक उनके साथ कहीं जा रहे थे और प्रेमचन्द जी बार-बार अपनी धोती सँभालते हुए चल रहे थे। यह दृश्य अत्यंत रोचक था और लेखक को भी हँसी आ रही थी।
ऐसे कई प्रसंगों में उन्होंने अपने व्यवहार से यह सिद्ध किया कि उनमें गहराई के साथ-साथ सहज विनोदभाव भी था।
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