Comprehension

निम्नलिखित काव्यांश पर आधारित पूछे गए प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनकर लिखिए :

प्रातः नभ था बहुत नीला शंख जैसे
भोर का नभ
राख से लीपा हुआ चौका
(अभी गीला पड़ा है)
बहुत काली सिल ज़रा से लाल केसर से
कि जैसे धुल गई हो

स्लेट पर या लाल खड़िया चाक
मल दी हो किसी ने
नील जल में या किसी की
गौर झिलमिल देह
जैसे हिल रही हो।
और ……

जादू टूटता है इस अब का अब
सुनाई दे रहा है।

Question: 1

चौक के गीलेपन से तात्पर्य क्या है ?

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कविता में प्राकृतिक दृश्यों के माध्यम से वातावरण का चित्रण गहराई से समझें।
Updated On: Jan 14, 2026
  • नए जीवन का उदय
  • वातावरण में नमी
  • भोजन के लिए तैयार होना
  • वातावरण में शोकभाव
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

पंक्तियों में कवि ने सुबह के समय की प्राकृतिक स्थिति का सजीव चित्रण किया है। “राख से लीपा हुआ चौका (अभी गीला पड़ा है)” यह पंक्ति बताती है कि रात भर की ओस अथवा भोर की नमी अब भी ज़मीन पर बनी हुई है।
यह गीलापन वातावरण में फैली ठंडक और नमी का प्रतीक है, जो सुबह की ताजगी और शांत वातावरण को उजागर करता है।
इस गीलेपन का किसी नए जीवन, उत्सव या शोकभाव से संबंध नहीं है, बल्कि यह केवल मौसम के प्रभाव (नमी) को दर्शाने के लिए प्रयुक्त हुआ है।
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Question: 2

निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर उचित विकल्प का चयन कर लिखिए : कथन : उषा कविता गाँव की सुबह का गतिशील चित्र है। कारण : कविता में वर्णित उपमान इस कविता को गाँव की सुबह से जोड़ते हैं।

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कथन और कारण आधारित प्रश्नों में यह देखना आवश्यक होता है कि क्या कारण कथन को सही ढंग से स्पष्ट करता है।
Updated On: Jan 14, 2026
  • कथन तथा कारण दोनों ग़लत हैं।
  • कारण सही है, लेकिन कथन ग़लत है।
  • कथन तथा कारण दोनों सही हैं, लेकिन कारण, कथन की ग़लत व्याख्या करता है।
  • कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या करता है।
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The Correct Option is D

Solution and Explanation

"उषा" कविता में कवि ने ग्रामीण जीवन के एक साधारण दृश्य को अत्यंत गतिशीलता और जीवन्तता के साथ चित्रित किया है। सुबह की हलचल — जैसे खेतों की ओर जाता किसान, घरों से निकलती स्त्रियाँ, नीले जल में हलचल आदि — सभी मिलकर गाँव की सुबह को क्रियाशील और जीवंत बना देते हैं।
कविता में प्रयोग हुए उपमान — "नीला जल", "लाल केसरी रंग", "भोर का नम" आदि, गाँव की प्राकृतिक सुबह और उसकी ताजगी का सटीक वर्णन करते हैं।
इसलिए कथन भी सही है और कारण भी। साथ ही, कारण कथन की पुष्टि करता है कि कविता के उपमान ही उस गतिशील चित्र को साकार करते हैं।
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Question: 3

काव्यांश का वर्ण्य विषय है :

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काव्यांश के वातावरण और बिंबों को पहचानकर उसका विषय स्पष्ट किया जा सकता है। खासकर समय और प्राकृतिक परिवर्तनों पर ध्यान देना ज़रूरी होता है।
Updated On: Jan 14, 2026
  • सूर्योदय के ठीक पहले के पल-पल परिवर्तित प्रकृति का शब्द-चित्र
  • सूर्योदय के ठीक बाद के पल-पल परिवर्तित प्रकृति का शब्द-चित्र
  • ग्रामीण जीवन में सुबह के समय होने वाली गतिविधियों का शब्द-चित्र
  • स्लेट पर चाक से रंग मलते बच्चों के अदृश्य हाथों का शब्द-चित्र
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The Correct Option is A

Solution and Explanation

काव्यांश में "प्रातः नभ था बहुत नीला शंख जैसे", "भोर का नम", "राख से लीपा हुआ चौका", "लाल केसर", "नील जल", "गौर झिलमिल देह" जैसे बिंबों का प्रयोग कर कवि ने सूर्योदय के ठीक पहले प्रकृति में हो रहे सूक्ष्म और तीव्र परिवर्तनों को शब्दों में उकेरा है।
काव्यांश प्रकृति के सौंदर्य, उसकी रंग-संवेदना और सूक्ष्म रूपांतरण को पल-पल दर्शाता है — इसीलिए इसका वर्ण्य विषय है: "सूर्योदय के ठीक पहले के पल-पल परिवर्तित प्रकृति का शब्द-चित्र"।
यह चित्रण केवल दृश्यात्मक नहीं बल्कि भावात्मक भी है — जैसे "जादू टूटता है", "उषा का अब सुवासित रंग रह गया है" जैसी पंक्तियाँ मन में सौंदर्य-बोध जगाती हैं।
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Question: 4

कॉलम-I को कॉलम-II से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प चुनकर लिखिए :

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प्रतीकों की पहचान करने के लिए शब्दों की कल्पनाशील व्याख्या करें और सांस्कृतिक सन्दर्भ को समझना आवश्यक है।
Updated On: Jan 14, 2026
  • 1-(ii), 2-(iii), 3-(i)
  • 1-(ii), 2-(i), 3-(iii)
  • 1-(iii), 2-(ii), 3-(i)
  • 1-(i), 2-(iii), 3-(ii)
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

1 → (ii): "काली सिल का लाल केसर से धुला होना" — लाल रंग ऊर्जा, भावनात्मक तीव्रता और जागरूकता का प्रतीक है, अतः यह उज्ज्वलता को दर्शाता है।
2 → (i): "राख से लीपा हुआ चौका" — यह शुद्धता और धार्मिकता का प्रतीक है, विशेषतः ग्रामीण भारतीय संस्कृति में।
3 → (iii): "गौर वर्ण युवती की जल में झिलमिलाती देह" — जल में चमकती हुई आकृति निर्मलता और शुद्ध सौंदर्य की प्रतीक मानी जाती है।
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Question: 5

उषा का जादू क्यों टूट जाता है ?

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‘उषा’, ‘प्रभात’, ‘संध्या’ जैसे प्रतीकों का अर्थ समझकर उनका भावार्थ पहचानना आवश्यक होता है।
Updated On: Jan 14, 2026
  • आकाश में बादलों के छा जाने से
  • आकाश में सूर्योदय के हो जाने से
  • गाँव में होने वाली चहल-पहल से
  • प्रकृति में होने वाले परिवर्तनों से
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The Correct Option is B

Solution and Explanation

कविता में ‘उषा’ को एक जादुई और सौंदर्यपूर्ण क्षण के रूप में दर्शाया गया है, जिसमें वातावरण में एक कोमल रहस्य, रंगीनता और सन्नाटा है।
जैसे ही सूरज निकलता है, उजाले के साथ यह जादू समाप्त हो जाता है। इसलिए उषा का जादू ‘सूर्योदय’ के कारण टूटता है — क्योंकि यह क्षणिक और संवेदी अनुभव है जो दिन के आगमन से बदल जाता है।
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