निर्दिष्टाः कृतीः कुरुत।
(1) योग्यं रूपं लिखित्वा रिक्तस्थानपूर्ति कुरुत।
(च) भगवद्गीतायाम् अष्टादशे अध्याये \(\underline{\hspace{1cm}}\)
(78) श्लोकाः सन्ति। (सङ्ख्यावाचकम्)
This sentence refers to the 78 verses in Chapter 18 of the Bhagavad Gita. The correct number is \(\underline{अठ्ठत्तर}\) (78). So, the sentence becomes: \[ \text{भगवद्गीतायाम् अष्टादशे अध्याये अठ्ठत्तर श्लोकाः सन्ति।} \]
जिनके अलग-अलग रूप वाक्यों में मिलते हैं, वे पद कहलाते हैं
कर्तृवाच्य' में प्रधानता होती है
अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद हैं
पृथ्वी' का पर्यायवाची शब्द नहीं है
नवरत्न' में समास है
Study the entries in the following table and rewrite them by putting the connected items in the single row: 