निम्नलिखित पवित्र काव्यांश को पढ़कर प्रश्नों के सर्वाधिक उपयुक्त विकल्पों का चयन कर लिखिए :
पुलकि सरीर सभाँ भए ठाढे । नीरज नयन नेह जल बाढे ॥
कबहुँ भरे मुनिनाथ निबाहा । एहि ते अधिक कहाँ मैं काहा ॥
मैं जानउँ प्रभु नाथ सुभाऊ । अपराधि पर कोप न राउ ॥
मो पर कृपा सदेइ बिसेषी । खेलत खुशी न कहूँ देखी ॥
सिपुन्स में परिहउँ न संगू । कबहुँ न कीन्ह मोर मन भंगू ॥
हे प्रभु कृपा तिन्ह जियं जोही । हारहूँ खेल जितावहिं मोही ॥
मूंह नहेइ सकौं बस समुख कह न बैसि ।
दास तृपति न आतु लगी पाप पियाउस नै ॥