Question:

निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए: 
 

(१) आकृति पूर्ण कीजिए: 
• संसार में : 
• जीवन में : 
• व्यवस्था में : 
• व्यवहार में : 
(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए: 
• (१) ढेर : 
• (२) धारदार : 
• (३) शोषक : 
• (४) उपहास : 
(३) 'समाजसेवा ही ईश्वरसेवा है' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।

Show Hint

गद्यांश आधारित प्रश्नों में थीम को समझें और समानार्थी शब्दों को संदर्भ से जोड़ें।
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

(१) आकृति पूर्ण कीजिए:
- संसार में: समस्याएँ - सामाजिक समस्याएँ जैसे गरीबी, अशिक्षा।
- जीवन में: कठिनाइयाँ - व्यक्तिगत संघर्ष जैसे आर्थिक तंगी।
- व्यवस्था में: अन्याय - सामाजिक या कानूनी अन्याय।
- व्यवहार में: भेदभाव - जाति, लिंग आधारित भेदभाव।
(२) समानार्थी शब्द:
(१) ढेर: राशि
(२) धारदार: तेज
(३) शोषक: दमनकारी
(४) उपहास: मजाक
(३) समाजसेवा ही ईश्वरसेवा:
समाजसेवा ईश्वरसेवा के समान है। यह जरूरतमंदों की मदद, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने से समाज को सशक्त बनाती है। दूसरों के दुख दूर करना ईश्वर की भक्ति है। उदाहरण के लिए, गरीबों की सेवा से मानवता की सच्ची पूजा होती है। (४४ शब्द)
Was this answer helpful?
0
0

Top Maharashtra Class XII हिंदी Questions

View More Questions

Top Maharashtra Class XII गद्यांश पर आधारित प्रश्न Questions

View More Questions