निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
(१) आकृति पूर्ण कीजिए:
• संसार में :
• जीवन में :
• व्यवस्था में :
• व्यवहार में :
(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए शब्दों के समानार्थी शब्द लिखिए:
• (१) ढेर :
• (२) धारदार :
• (३) शोषक :
• (४) उपहास :
(३) 'समाजसेवा ही ईश्वरसेवा है' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

(१) संजाल पूर्ण कीजिए:

(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए विलोम शब्द लिखिए:
(१) वियोग ×
(२) उत्तीर्ण ×
(३) नापसंद ×
(४) अज्ञान ×
(३) 'जीवन में मित्रों का महत्त्व' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

(१) आकृति पूर्ण कीजिए:

(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए:
(१) आनंद
(२) नभ
(३) पुत्री
(४) सजगता
(३) 'वर्तमान पीढ़ी के युवक-युवतियों का जीवन के प्रति बदला दृष्टिकोण' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में स्पष्ट लिखिए।
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग ८० से १०० शब्दों में लिखिए (कोई दो):
(१) 'आदर्श बदला' कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।
(२) 'पाप के चार हथियार' पाठ का संदेश लिखिए।
(३) 'मनुष्य के स्वार्थ के कारण रिश्तों में आई हुई दूरी' पर अपने विचार 'कोखजाया' पाठ के आधार पर लिखिए।
निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न का मात्र एक वाक्य में उत्तर लिखिए (कोई दो):
(१) हिंदी के कुछ आलोचकों द्वारा महादेवी वर्मा को दी गई उपाधि का नाम लिखिए।
(२) आशारानी व्होरा जी के लेखन कार्य का प्रमुख उद्देश्य लिखिए।
(३) कन्हैयालाल मिश्र 'प्रभाकर जी' के किन्हीं दो निबंध संग्रहों के नाम लिखिए।
(४) 'कोखजाया' कहानी के हिन्दी अनुवादक का नाम लिखिए।
निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

(१) उत्तर लिखिए:
(i) हमें हृदय की इस बात को खोजना है
(ii) हर एक राही को भटककर मिलती है
(iii) इसे मुस्कान से ढकना बेकार है
(iv) यह आदर्श नहीं हो सकती है
(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए प्रत्यय निकालकर मूल शब्द ढूँढ़कर लिखिए:
(१) सत्यता
(२) सुखी
(३) राही
(४) मुस्कुराहट
(३) 'संघर्ष करने वाला व्यक्ति ही जीवन में सफल होता है' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

(१) संजाल पूर्ण कीजिए:

(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए विलोम शब्द लिखिए:
(१) वियोग ×
(२) उत्तीर्ण ×
(३) नापसंद ×
(४) अज्ञान ×
(३) 'जीवन में मित्रों का महत्त्व' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में लिखिए।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:

(१) आकृति पूर्ण कीजिए:

(२) निम्नलिखित शब्दों के लिए गद्यांश में आए हुए समानार्थी शब्द ढूँढ़कर लिखिए:
(१) आनंद
(२) नभ
(३) पुत्री
(४) सजगता
(३) 'वर्तमान पीढ़ी के युवक-युवतियों का जीवन के प्रति बदला दृष्टिकोण' इस विषय पर अपने विचार ४० से ५० शब्दों में स्पष्ट लिखिए।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए:
(१) कारण लिखिए:
• (१) बदले वक्त के साथ नए मूल्यों को पहचानकर हमें अपनाना है:–
• (२) अपने टूटे-फूटे मूल्यों को भरसक जोड़कर खड़ा करने से कोई लाभ नहीं है:–
(२) उपर्युक्त गद्यांश में प्रयुक्त शब्द-युग्म ढूँढ़कर लिखिए:
• (१)
• (२)
• (३)
• (४)
(३) 'बदलते समय के साथ हमारे मूल्यों में भी परिवर्तन आवश्यक है' इस विषय पर अपना मत ४० से ५० शब्दों में स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
संग्राम से तेज़ी उन्हें कोई से तीन सौ रुपए मिल गए। वहीं बैठी मेरी पत्नी मेरे पास जमा करके उन्होंने मुझे अपने चर्च का बजट बना देने का आदेश दिया। जिन्हें मेरा व्यक्तिगत हिसाब रखना पड़ता है, वे जानते हैं कि यह काम मेरे लिए कितना कठिन होता है। न वे चार्ट लंबी कर पाते हैं, न मुझे निकालने पर बाँधकर सकते हैं; और इस प्रकार एक विविध रसालियों में तीन दिन बीतते रहते हैं। पर यदि अनुसूचित परीक्षार्थियों की प्रतियोगिता हो तो सौ में से दस अंक पाने वाला भी अपने-आपको शून्य पाने वाले से श्रेष्ठ मानेगा।
अस्तु, नमक से लेकर गीली लकड़ी तक और चप्पल से लेकर मकान के किराए तक का जो अनुभव मुझे बना; वह जब निराला जी को पसंद आ गया, तब पहली बार मुझे अंग्रेज़ीशास्त्र के ज्ञान पर गर्व हुआ। पर दूसरे ही दिन से मेरे गर्व की व्यक्ति सिद्धि खोने लगी। वे कहते हैं—प्यास बुझाओ चाहिए… किसी दिव्यात्मा की परीक्षा शुल्क जमा करता है, अन्यथा वह परीक्षा में नहीं बैठ सकेगा। स्पष्ट होता है—किसी साहित्यिक मित्र को साल में दो बार देने की आवश्यकता पड़ गई। दूसरे किसी लखनऊ के किसी तोलमोल की गाड़ी चालान का मनीऑर्डर करना पड़ता। चौथाई का किसी दिव्यात्मा मित्र की भतीजी के विवाह के लिए देने का अभिनिवेश हो गया। संक्षेप यह कि तीसरे दिन उनका जो किया हुआ रुपया समाप्त हो गया। अब तक उनके व्यवसायक के नोट यह दान खाता मेरे हिस्से आ पड़ा।
निम्नलिखित गद्यांश पढ़कर सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए:
सुनो सुमिता! तुम्हारा पत्र पाकर खुशी हुई। तुमने अधिकार की बात उठाई है, वह पसंद आई। बेशक, जहाँ जिस बात से तुम्हारा असहमति हो; वहाँ तुम्हें अपनी बात मुझसे समझाने का पूरा अधिकार है। मुझे खुशी होगी तुम्हारे इस अधिकार पाने पर। इससे मेरी खुशी और बढ़ेगी भी। जहाँ कोई कुछ सिखा सके, वहाँ भी परस्पर आदान-प्रदान से राह निकलती ही जाएगी। अपनी-अपनी बात कहने-सुनने में संबंध का संकुचन कैसा? मैंने तो अधिकार की बात पर यही सीखा था कि मैं उस बेटी की माँ हूँ, जो जीवन में ऊँचा उठने के लिए बड़े ऊँचे सपने देखा करती है; आकाश में अपने छोटे-छोटे ड़ैने को फैला कर!
धरती से बहुत ऊँचाई में फैले हुए ड़ैनों को यथार्थ से दूर संकुचित भी मैं काटना नहीं चाहती। केवल उनकी ड़ोर मज़बूत करना चाहती हूँ कि अपनी किसी ऊँचाई की उड़ान में वो लड़खड़ा न जाएँ। इसलिए कहना चाहती हूँ कि 'उड़ो बेटी, उड़ो, पर धरती पर निगाह रखना'; कहीं ऐसा न हो कि धरती से जुड़ी ड़ोर कट जाए और किसी अनजाने-अवांछित स्थल पर गिरकर ड़ैने क्षत-विक्षत हो जाएँ। ऐसा नहीं हो सकता क्योंकि तुम एक समझदार लड़की हो। फिर भी सावधानी तो अपेक्षित है।
यह सावधानी का ही संकेत है कि निगाह हमेशा उड़ान पर केंद्रित उड़ान भरे। उस धरती पर जो तुम्हारा आधार है—उसमें परिवार का, तुम्हारे संस्कार का, तुम्हारी सांस्कृतिक परंपरा का, तुम्हारी सामर्थ्य का भी आधार जुड़ा होना चाहिए। हमें पुरानी-ग़लत रूढ़ियों को तोड़ना है, अच्छी परंपराओं को नहीं।