Question:

‘मेरी कल्पना का आदर्श समाज’ — शीर्षक पाठ में अंबेडकर ने आदर्श-समाज का आधार किन तत्त्वों को माना है? उनके अनुसार लोकतंत्र में क्या भाव होने चाहिए? 
 

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यदि उत्तर संविधान या सामाजिक विषय से जुड़ा हो, तो उत्तर को सिद्धांत + व्यवहार + उदाहरण से जोड़ें।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

डॉ. भीमराव अंबेडकर ने ‘मेरी कल्पना का आदर्श समाज’ पाठ में एक ऐसे समाज की परिकल्पना की है, जो समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि जहाँ जातिवाद, ऊँच-नीच, छुआछूत और अन्याय न हो, वही आदर्श समाज है।
उनकी दृष्टि में लोकतंत्र केवल शासन पद्धति नहीं, बल्कि सामाजिक आचरण का स्वरूप होना चाहिए। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को गरिमा, अवसर और न्याय प्राप्त होना चाहिए।
अंबेडकर मानते थे कि समाज तभी आदर्श बन सकता है जब उसमें व्यक्ति को अपने विचार रखने की स्वतंत्रता, सामाजिक सहभागिता का अधिकार और समानता का व्यवहारिक रूप हो। वे ऐसे समाज की बात करते हैं जहाँ व्यक्ति की पहचान जन्म नहीं, गुण और कर्म से हो।
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