"लिखकर लोहित लेख, डूब गया दिनमणि अहा। व्योम सिन्धु सखि देख, तारक बुदबुद दे रहा।।" उपयुक्त पंक्तियों में प्रयुक्त छंद है
Step 1: छंद की पहचान.
उपर्युक्त पंक्तियों में 24 मात्राओं का प्रयोग है, जिसमें 13 और 11 मात्राओं पर यति होती है। यह संरचना 'दोहा' छंद की विशेषता है।
Step 2: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) रोला – इसमें 24 मात्राएँ होती हैं, लेकिन यति 11-13 पर नहीं होती।
(B) दोहा – सही उत्तर। दोहे में 13 और 11 मात्राओं पर यति होती है।
(C) बरवै – इसमें 24 मात्राएँ होती हैं, लेकिन इसका प्रयोग भिन्न शैली में है।
(D) सोरठा – यह दोहे का उलटा रूप है, इसमें यति 11-13 के बजाय 13-11 होती है।
Step 3: निष्कर्ष.
इस प्रकार सही उत्तर है (B) दोहा।
अपने निवास स्थान के आसपास / मोहल्ले की नालियों की समुचित सफाई के लिए नगर/जनपद के स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखिए।
अपनी पाठ्य-पुस्तक में से कण्ठस्थ कोई एक श्लोक लिखिए, जो इस प्रश्न पत्र में न आया हो।
निम्नलिखित कवियों में से किसी एक कवि का जीवन परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए: मैथिलीशरण गुप्त
निम्नलिखित लेखकों में से किसी एक लेखक का जीवन परिचय देते हुए उनकी एक प्रमुख रचना का उल्लेख कीजिए: रामधारी सिंह 'दिनकर'
मुक्तिदूत' खण्डकाव्य के आधार पर 'महात्मा गाँधी' के चरित्र की मुख्य विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
सोरठा' छन्द के पहले एवं तीसरे चरण में मात्राएँ होती हैं
"यह सम मात्रिक छंद है। इसमें चार चरण होते हैं और प्रत्येक चरण में 24 मात्राएँ होती हैं। 11 और 13 मात्राओं पर यति होती है।" यह लक्षण किस छंद का है?
रोला किस प्रकार का छन्द है ?
रोला छन्द में कुल कितने चरण होते हैं ?
'रोला' छंद के प्रत्येक चरण में मात्राएँ होती हैं: