Question:

‘लाखों-करोड़ों कोस दूर के तेज पिंडों’ का उदाहरण ‘देने चल लो’ पाठ में किस उद्देश्य से दिया गया है? स्पष्ट कीजिए। 
 

Show Hint

जब वैज्ञानिक उपलब्धियाँ और सामाजिक असंवेदनशीलता के बीच विरोधाभास हो, तो लेखक का उद्देश्य हमेशा आत्म-चिंतन कराना होता है।
Updated On: Jul 18, 2025
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

‘देने चल लो’ पाठ में लेखक विज्ञान की अद्भुत उपलब्धियों की तुलना समाज के यथार्थ से करता है।
‘लाखों-करोड़ों कोस दूर के तेज पिंडों’ का उदाहरण वैज्ञानिक प्रगति का प्रतीक है — जैसे अंतरिक्ष अन्वेषण, ब्रह्मांड रहस्य की खोज।
यह दिखाता है कि हम लाखों किलोमीटर दूर के ग्रहों की गति, ताप और प्रकृति का पता लगा सकते हैं,
परंतु दुर्भाग्यवश हम अपने आस-पास के मनुष्यों की पीड़ा, सामाजिक विषमताएँ और संघर्ष नहीं समझ पाते।
यह उदाहरण एक प्रकार का व्यंग्य भी है — कि जहाँ एक ओर मनुष्य चंद्रमा तक पहुँच गया, वहीं उसकी चेतना
मानव-मानव के बीच दूरी को मिटाने में विफल रही है।
लेखक यही प्रश्न उठाता है कि ज्ञान की इतनी ऊँचाइयों के बावजूद, समाज की ज़मीन इतनी खोखली क्यों है?
इसलिए यह उदाहरण सामाजिक चेतना और आत्ममंथन के लिए प्रयुक्त हुआ है।
Was this answer helpful?
0
0

Top CBSE CLASS XII Hindi Elective Questions

View More Questions

Top CBSE CLASS XII हिंदी साहित्य Questions

View More Questions