'कौआ पेड़ पर बैठा है' में 'पेड़' शब्द अधिकरण (जिसमें स्थान या वस्तु को व्यक्त किया जाता है) का उदाहरण है। अधिकरण वह कारक है जो क्रिया के स्थान, दिशा, या पदार्थ को व्यक्त करता है।
यह वाक्य दर्शाता है कि कौआ किस स्थान पर बैठा है, और 'पेड़' शब्द इसी स्थान को स्पष्ट करता है। हिंदी व्याकरण में अधिकरण कारक का प्रयोग क्रिया से जुड़े हुए स्थान, समय, दिशा या माध्यम को प्रकट करने के लिए किया जाता है। अतः 'पेड़' शब्द इस वाक्य में अधिकरण का कार्य कर रहा है, जो वाक्य के अर्थ को पूर्ण और स्पष्ट बनाता है।