‘काले मेघा पानी दे’ पाठ में मेहंक मंडली पर पानी फेंकना जीजी की दृष्टि में पानी पाने के लिए पानी के लिए बीज बोना है। क्या आप भी जीजी के इन विचारों से सहमत हैं? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
‘काले मेघा पानी दे’ पाठ में जीजी का दृष्टिकोण प्रतीकात्मक और अनुभव-संपन्न है। उनके अनुसार ‘बीज बोना’ यानी कठिन समय में विश्वास बनाए रखना और कोशिश करते रहना।
पानी फेंकने की क्रिया तर्क से परे लग सकती है, लेकिन उसमें छिपा संदेश है — सामूहिक प्रयास, परंपरा और प्रकृति से प्रार्थना। मैं जीजी के विचारों से आंशिक रूप से सहमत हूँ क्योंकि यह क्रिया केवल पानी की प्राप्ति के लिए नहीं, बल्कि मनोबल बनाए रखने और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है।
आज विज्ञान-आधारित समाधान आवश्यक हैं, लेकिन विश्वास और भावनात्मक सहयोग भी उतना ही ज़रूरी है।
‘हमें अपने रंगों का पता नहीं है’ — से अभिप्राय है —
‘हम भूल जाते हैं कि जीवन बहुरंगी है’ — पंक्ति में जीवन के बहुरंगी होने का अर्थ है —
निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए:
कथन: प्रकृति के कई रंग हैं और रंगों में कोई होड़ नहीं है।
कारण: प्रकृति सहज ही एक दिन में कई रंग बदलती है।
प्रकृति के माध्यम से लेखक हमें क्या संदेश देना चाहता है ?
रे विलियम्स के अनुसार जीवन की जटिलता का क्या कारण है ?
राजमार्ग (हाइवे) पर पिताजी की गाड़ी का अचानक बंद हो जाना — लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :
बड़े भाई / बहन की शादी में मेरी भूमिका — लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :
जीव–जंतुओं का घटता संसार — लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :
“जिन विचारों को कह डालना हमारे लिए कठिन नहीं होता, उन्हें लिख डालने का नियंत्रण एक चुनौती की तरह लगता है” क्यों ? स्पष्ट कीजिए।
रेडियो नाटक में संवादों की भूमिका स्पष्ट कीजिए।