'हे भगवान ! इस गरीब की रक्षा कर' में 'हे भगवान' शब्द संबोधन (जिसमें किसी को पुकारने या सम्बोधित करने का भाव हो) का उदाहरण है। संबोधन का उपयोग किसी को सीधे बुलाने या संबोधित करने के लिए किया जाता है।
संबोधन शब्दों का प्रयोग वार्ता में भाव व्यक्त करने, सम्मान जताने या विनती करने के लिए किया जाता है। इस वाक्य में 'हे भगवान' के माध्यम से भगवान से सीधे बातचीत की गई है, जो भावनात्मक और प्रार्थनात्मक स्थिति को दर्शाता है। हिंदी भाषा में संबोधन वाक्यों को प्रभावशाली और जीवंत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे संप्रेषण अधिक सजीव और स्पष्ट होता है।