‘एक आदर्श अध्यापक छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है।’ — ‘जूझ’ कहानी के मास्टर साँडलकर के चरित्र के माध्यम से इस कथन की पुष्टि कीजिए।
‘जूझ’ कहानी के मास्टर साँडलकर एक आदर्श शिक्षक का प्रतीक हैं। वे न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि अपने जीवन-व्यवहार और आचरण से छात्रों को मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं।
वे अनुशासन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देकर छात्रों के चरित्र निर्माण में योगदान देते हैं।
उनका जीवन सादगी और उद्देश्यपूर्ण कार्यों से भरा हुआ है — वे समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व को समझते हैं और अपने छात्रों को भी वही सिखाते हैं।
इस प्रकार मास्टर साँडलकर इस कथन की पूर्णतः पुष्टि करते हैं कि एक शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं सिखाता, बल्कि जीवन का पाठ भी पढ़ाता है।
‘हमें अपने रंगों का पता नहीं है’ — से अभिप्राय है —
‘हम भूल जाते हैं कि जीवन बहुरंगी है’ — पंक्ति में जीवन के बहुरंगी होने का अर्थ है —
निम्नलिखित कथन तथा कारण को ध्यानपूर्वक पढ़कर सर्वाधिक उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए:
कथन: प्रकृति के कई रंग हैं और रंगों में कोई होड़ नहीं है।
कारण: प्रकृति सहज ही एक दिन में कई रंग बदलती है।
प्रकृति के माध्यम से लेखक हमें क्या संदेश देना चाहता है ?
रे विलियम्स के अनुसार जीवन की जटिलता का क्या कारण है ?
राजमार्ग (हाइवे) पर पिताजी की गाड़ी का अचानक बंद हो जाना — लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :
बड़े भाई / बहन की शादी में मेरी भूमिका — लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :
जीव–जंतुओं का घटता संसार — लगभग 120 शब्दों में रचनात्मक लेख लिखिए :
“जिन विचारों को कह डालना हमारे लिए कठिन नहीं होता, उन्हें लिख डालने का नियंत्रण एक चुनौती की तरह लगता है” क्यों ? स्पष्ट कीजिए।
रेडियो नाटक में संवादों की भूमिका स्पष्ट कीजिए।