‘एक आदर्श अध्यापक छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है।’ — ‘जूझ’ कहानी के मास्टर साँडलकर के चरित्र के माध्यम से इस कथन की पुष्टि कीजिए।
‘जूझ’ कहानी के मास्टर साँडलकर एक आदर्श शिक्षक का प्रतीक हैं। वे न केवल शिक्षा देते हैं, बल्कि अपने जीवन-व्यवहार और आचरण से छात्रों को मार्गदर्शन भी प्रदान करते हैं।
वे अनुशासन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देकर छात्रों के चरित्र निर्माण में योगदान देते हैं।
उनका जीवन सादगी और उद्देश्यपूर्ण कार्यों से भरा हुआ है — वे समाज और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व को समझते हैं और अपने छात्रों को भी वही सिखाते हैं।
इस प्रकार मास्टर साँडलकर इस कथन की पूर्णतः पुष्टि करते हैं कि एक शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं सिखाता, बल्कि जीवन का पाठ भी पढ़ाता है।
संगतकार' कविता के संदर्भ में लिखिए कि संगतकार जैसे व्यक्तियों के व्यक्तित्व से युवाओं को क्या प्रेरणा मिलती है। किन्हीं दो का वर्णन कीजिए।
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'साना-साना हाथ जोड़ि...' पाठ में प्रकृति की विराटता का दर्शन है।' - पाठ के दृश्यों के आधार पर इसे स्पष्ट करते हुए लिखिए।
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