Question:

दो डब्बों B1 और B2, प्रत्येक में 3 लाल और 4 काली गेंदें हैं। B1 से एक गेंद यादृच्छिक रूप से चुनी जाती है। यदि वह गेंद लाल है तो B2 में 4 लाल गेंदें और डाल दी जाती हैं, अन्यथा B2 में 3 काली गेंदें और डाल दी जाती हैं। इसके बाद B2 में से एक गेंद यादृच्छिक रूप से चुनी जाती है। यदि यह गेंद लाल है तो इस बात की सप्रतिबंध प्रायिकता क्या है कि B1 से चुनी गई गेंद भी लाल थी?

Show Hint

सप्रतिबंध प्रायिकता की समस्याओं में हमेशा दोनों संभावित शाखाओं (paths) के लिए अलग-अलग कुल गेंद संख्या की पुनः जांच करें, क्योंकि अतिरिक्त गेंदों के योग से हर का मान बदल जाता है।
Updated On: Jun 11, 2026
  • \(\frac{35}{57}\)
  • \(\frac{99}{257}\)
  • \(\frac{3}{7}\)
  • \(\frac{33}{53}\)
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

The Correct Option is A

Solution and Explanation

Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न सप्रतिबंध प्रायिकता (conditional probability) और बेज़ प्रमेय (Bayes' Theorem) पर आधारित है।
हमें यह ज्ञात करना है कि यदि दूसरी गेंद लाल प्राप्त हुई है, तो पहली निकाली गई गेंद के लाल होने की प्रायिकता क्या होगी।

Step 2: Key Formula or Approach:
बेज़ प्रमेय के अनुसार:
\[ P(R_1 \mid R_2) = \frac{P(R_1) \cdot P(R_2 \mid R_1)}{P(R_1) \cdot P(R_2 \mid R_1) + P(K_1) \cdot P(R_2 \mid K_1)} \]
जहाँ \(R_1, K_1\) क्रमशः प्रथम डब्बे से लाल और काली गेंद निकालने की घटनाएं हैं, और \(R_2\) द्वितीय डब्बे से लाल गेंद निकालने की घटना है।

Step 3: Detailed Explanation:

डब्बा \(B_1\) की स्थिति: 3 लाल और 4 काली गेंदें (कुल = 7)।
- लाल गेंद निकलने की प्रायिकता \(P(R_1) = \frac{3}{7}\)
- काली गेंद निकलने की प्रायिकता \(P(K_1) = \frac{4}{7}\)

स्थिति 1 (यदि \(B_1\) से लाल गेंद निकली):
डब्बे \(B_2\) में 4 अतिरिक्त लाल गेंदें डाली जाती हैं।
अब \(B_2\) में गेंदें = \((3+4)\) लाल + 4 काली = 7 लाल + 4 काली (कुल = 11)।
इस स्थिति में \(B_2\) से लाल गेंद निकलने की प्रायिकता:
\[ P(R_2 \mid R_1) = \frac{7}{11} \]

स्थिति 2 (यदि \(B_1\) से काली गेंद निकली):
डब्बे \(B_2\) में 3 अतिरिक्त काली गेंदें डाली जाती हैं।
अब \(B_2\) में गेंदें = 3 लाल + \((4+3)\) काली = 3 लाल + 7 काली (कुल = 10)।
इस स्थिति में \(B_2\) से लाल गेंद निकलने की प्रायिकता:
\[ P(R_2 \mid K_1) = \frac{3}{10} \]

बेज़ प्रमेय द्वारा अभीष्ट प्रायिकता की गणना:
- अंश (Numerator):
\[ P(R_1) \cdot P(R_2 \mid R_1) = \frac{3}{7} \times \frac{7}{11} = \frac{3}{11} \]
- हर (Denominator):
\[ P(R_1) \cdot P(R_2 \mid R_1) + P(K_1) \cdot P(R_2 \mid K_1) = \frac{3}{11} + \left(\frac{4}{7} \times \frac{3}{10}\right) = \frac{3}{11} + \frac{6}{35} \]
लघुत्तम समापवर्त्य (385) लेकर जोड़ने पर:
\[ \frac{3 \times 35 + 6 \times 11}{385} = \frac{105 + 66}{385} = \frac{171}{385} \]
- अभीष्ट प्रायिकता:
\[ P(R_1 \mid R_2) = \frac{\frac{3}{11}}{\frac{171}{385}} = \frac{3}{11} \times \frac{385}{171} = \frac{3 \times 35}{171} = \frac{105}{171} = \frac{35}{57} \]

अतः, अभीष्ट प्रायिकता \(\frac{35}{57}\) है।

Step 4: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है क्योंकि बेज़ प्रमेय के अनुप्रयोग से सटीक प्रायिकता का मान \(\frac{35}{57}\) प्राप्त होता है।
Was this answer helpful?
0
0

Top IISER Probability Questions