‘कैमरे में बंद अपाहिज’ कविता के आधार पर लिखिए कि टी.वी. पर शारीरिक पीड़ा झेलने वाले व्यक्ति से जुड़ा साक्षात्कार क्या सामाजिक उद्देश्य से युक्त कार्यक्रम कहा जा सकता है ? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
‘कैमरे में बंद अपाहिज’ कविता में कवि ने आधुनिक मीडिया की संवेदनहीनता को उजागर किया है। टी.वी. कार्यक्रम में पीड़ित व्यक्ति का साक्षात्कार करना अगर केवल दर्शकों को भावुक करने या टीआरपी बढ़ाने के लिए हो, तो यह सामाजिक उद्देश्य की पूर्ति नहीं करता।
यदि यह कार्यक्रम अपाहिजों के अधिकार, उनके संघर्ष, या उनके लिए समाज की जिम्मेदारियों को सामने लाने का माध्यम बने, तभी यह सामाजिक उद्देश्य से युक्त माना जा सकता है।
अतः ऐसे कार्यक्रम का मूल्यांकन उसके उद्देश्य, प्रस्तुति और प्रभाव के आधार पर किया जाना चाहिए न कि केवल दृश्य प्रभाव के आधार पर।
संगतकार' कविता के संदर्भ में लिखिए कि संगतकार जैसे व्यक्तियों के व्यक्तित्व से युवाओं को क्या प्रेरणा मिलती है। किन्हीं दो का वर्णन कीजिए।
'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के आधार पर प्रत्यक्ष अनुभव और अनुभूति को स्पष्ट करते हुए लेखक पर पड़ने वाले इनके प्रभाव को लिखिए। आप दोनों में से किसे महत्त्व देते हैं? तर्कपूर्ण उत्तर दीजिए।
'साना-साना हाथ जोड़ि...' पाठ में प्रकृति की विराटता का दर्शन है।' - पाठ के दृश्यों के आधार पर इसे स्पष्ट करते हुए लिखिए।
'माता का अँचल' पाठ से बच्चों के किन्हीं दो खेलों और उनके परिवेश का अंतःसंबंध स्पष्ट करते हुए टिप्पणी लिखिए।
फागुन की मनोहारिता मनुष्य के मन पर क्या प्रभाव डालती है? 'अट नहीं रही है' कविता के आधार पर लिखिए।