Question:

‘बाज़ार दर्शन’ पाठ को पढ़ने के बाद आप अपने आपको किस तरह का क्रेता मानते हैं और क्यों ?

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बाज़ार में उपभोक्ता का विवेक ही उसे एक जिम्मेदार और सजग ग्राहक बनाता है।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

‘बाज़ार दर्शन’ पाठ पढ़ने के बाद मैं स्वयं को एक सजग और विवेकशील ग्राहक मानता हूँ। इस पाठ ने मुझे यह समझाया कि बाजार केवल खरीदारी की जगह नहीं, बल्कि एक ऐसा स्थान है जहाँ व्यक्ति की इच्छाएँ, ज़रूरतें और संवेदनाएँ प्रभावित होती हैं।
बाज़ार में प्रलोभनों, आकर्षक पैकेजिंग और विज्ञापन के ज़रिए उपभोक्ता को भ्रमित किया जाता है। लेकिन यदि ग्राहक सतर्क, जागरूक और अपने निर्णय में आत्मनिर्भर हो, तो वह भावनात्मक शोषण से बच सकता है।
इसलिए, मैं बाजार में सामान खरीदते समय उपयोगिता, गुणवत्ता और आवश्यकता को प्राथमिकता देता हूँ — न कि दिखावे और प्रचार को। यही सजग क्रेता की पहचान है।
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