Question:

‘अपना मालवा खाऊँ–उजाऊ सभ्यता में.....’ पाठ में विक्रमादित्य, भोज और मुँज आदि राजाओं का उल्लेख किस संदर्भ में आया है? स्पष्ट कीजिए। 
 

Show Hint

राजा वही श्रेष्ठ होता है जो प्रकृति, समाज और संस्कृति तीनों के लिए समान रूप से कार्य करे।
Updated On: Jan 14, 2026
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

‘अपना मालवा खाऊँ–उजाऊ सभ्यता में’ पाठ में लेखक ने मध्य भारत की प्राचीन सभ्यता और उसके आत्मनिर्भर जीवन दृष्टिकोण की प्रशंसा की है। इस संदर्भ में विक्रमादित्य, भोज, मुँज जैसे प्रसिद्ध राजाओं का उल्लेख करते हुए बताया गया है कि इन महान शासकों ने न केवल संस्कृति और ज्ञान को पोषित किया, बल्कि जीवन की बुनियादी आवश्यकताओं — जल, अन्न, और श्रम — को भी सर्वोपरि रखा।
संदर्भ का उद्देश्य: (1) ये राजा केवल राजमहलों के नहीं, जनता के जीवन को भी समझने वाले शासक थे।
(2) इन्होंने तालाब, बावड़ियाँ, नदियों के संरक्षण हेतु अनेक योजनाएँ बनाई थीं।
(3) इनका शासनकाल ‘जल-जमीन-जंगल’ की संतुलित संस्कृति का प्रतीक था।
(4) मालवा क्षेत्र की “खाऊँ–उजाऊ” सभ्यता की जड़ें इन्हीं राजाओं की नीति में छिपी हैं।
निष्कर्ष: लेखक का उद्देश्य यह दर्शाना है कि प्राचीन भारतीय राजतंत्र केवल शासन का साधन नहीं, बल्कि समाज निर्माण और पर्यावरण संतुलन का मार्गदर्शक था — जो आज के समय में और अधिक प्रासंगिक हो गया है।
Was this answer helpful?
0
0

Top CBSE CLASS XII Hindi Elective Questions

View More Questions

Top CBSE CLASS XII पद्यांश पर आधारित प्रश्न Questions

View More Questions