Question:

‘अब भैंसों के घर न जाऊँगी, अलग रहूँगी और मेहनत मजूरी करके जीवन का निर्वाह करूँगी।’ कथन के सन्दर्भ में सुभागी के व्यक्तित्व की विशेषताएँ लिखिए। 
 

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सुभागी का चरित्र आत्मसम्मान, निर्णय-क्षमता और संघर्षशीलता का प्रतीक है — उत्तर में इन विशेषताओं को स्पष्ट रूप से रेखांकित करें।
Updated On: Jan 14, 2026
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Solution and Explanation

यह कथन ‘सुभागी’ के स्वाभिमानी, आत्मनिर्भर और संघर्षशील व्यक्तित्व को दर्शाता है।
वह सामाजिक बंधनों से निकलकर एक स्वतंत्र स्त्री के रूप में जीवन जीने का निश्चय करती है।
सुभागी को जब अपमान और अन्याय का सामना करना पड़ता है, तब वह समझौतावादी रवैया नहीं अपनाती, बल्कि साहसपूर्वक अलग रहने और परिश्रम करके जीवन यापन का निर्णय लेती है।
उसका यह आत्मनिर्णय बताता है कि वह आत्मगौरव और आत्मनिर्भरता को अत्यंत महत्व देती है।
सुभागी जैसी स्त्रियाँ समाज में बदलाव की प्रेरणा बनती हैं, जो दबी-कुचली व्यवस्था के विरुद्ध खड़ी होती हैं।
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