Step 1: जीवन-परिचय, कृतियाँ एवं विशेषताएँ:
सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' (जन्म 1896, महिषादल) छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों में से एक हैं। प्रमुख रचनाएँ: 'परिमल', 'अनामिका', 'राम की शक्तिपूजा', 'कुकुरमुत्ता'। साहित्यिक विशेषता: छन्द-मुक्त कविता के प्रवर्तक, ओजपूर्ण भाषा और सामाजिक यथार्थ का चित्रण।
Final Answer:
सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला' हिन्दी काव्य-परम्परा में अपनी विशिष्ट शैली के लिए स्मरणीय हैं।