Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न पतली-परत क्रोमैटोग्राफी (Thin-Layer Chromatography - TLC) के सिद्धांतों और मन्दन गुणांक (\(R_f\) value) की गणना पर आधारित है।
हमें दिए गए क्रोमैटोग्राम से \(R_f\) मानों की गणना करनी है और यौगिकों की ध्रुवीयता (polarity) का संबंध ज्ञात करना है।
Step 2: Key Formula or Approach:
मन्दन गुणांक (\(R_f\)) का सूत्र:
\[ R_f = \frac{\text{यौगिक द्वारा तय की गई दूरी}}{\text{विलायक अग्र (solvent front) द्वारा तय की गई दूरी}} \]
सामान्य प्रावस्था (Normal Phase) TLC में ध्रुवीय सिलिका जेल का उपयोग स्थिर प्रावस्था के रूप में होता है। अधिक ध्रुवीय यौगिक सिलिका के साथ मजबूत अधिशोषण के कारण कम दूरी तय करते हैं (कम \(R_f\) मान)।
Step 3: Detailed Explanation:
• विलायक द्वारा तय की गई कुल दूरी = 5 cm है।
• यौगिक A द्वारा तय की गई दूरी = 3.75 cm है।
अतः A का \(R_f\) मान:
\[ R_f(A) = \frac{3.75}{5.0} = 0.75 \]
• यौगिक B द्वारा तय की गई दूरी = 1.25 cm है।
अतः B का \(R_f\) मान:
\[ R_f(B) = \frac{1.25}{5.0} = 0.25 \]
• चूंकि स्थिर प्रावस्था सिलिका जेल अत्यधिक ध्रुवीय है, इसलिए अधिक ध्रुवीय यौगिक सिलिका द्वारा अधिक मजबूती से अधिशोषित होते हैं और धीरे चलते हैं।
• चूंकि यौगिक B का \(R_f\) मान (0.25) यौगिक A के \(R_f\) मान (0.75) से कम है, इसलिए यौगिक B, यौगिक A की तुलना में अधिक ध्रुवीय है।
यह निष्कर्ष विकल्प (A) से पूर्णतः मेल खाता है।
Step 4: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है क्योंकि यह \(R_f\) मान और यौगिकों की ध्रुवीयता के संबंधों को सही ढंग से दर्शाता है।