वास्तविक संख्याओं a तथा b के लिए निम्न फलन f : R $\rightarrow$ R पर विचार कीजिए:
\[ f(x) = \begin{cases} -ax - b & \text{यदि } x < -1, \\ 5x + 1 & \text{यदि } -1 \le x \le 1, \\ a^2x + 3b & \text{यदि } x > 1. \end{cases} \]
ऐसे कितने युग्म (a, b) संभव हैं जिनके लिए f सभी बिंदुओं पर सतत है?
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जब भी सतत फलनों में द्विघात समीकरण का निर्माण हो, तो तुरंत उसके विविक्तकर (\(D = b^2 - 4ac\)) की जांच करें।
यदि \(D < 0\) आता है, तो वास्तविक अचरों के लिए हलों की संख्या हमेशा शून्य होगी।
Step 1: Understanding the Question:
यह प्रश्न फलनों की सांतत्यता (continuity) की अवधारणा पर आधारित है।
हमें वास्तविक संख्याओं \(a\) और \(b\) के उन संभावित मानों की संख्या ज्ञात करनी है जो फलन \(f(x)\) को सभी वास्तविक संख्याओं पर सतत बनाते हैं।
Step 2: Key Formula or Approach:
फलन \(f(x)\) को संधिकाल बिन्दुओं (joint points) \(x = -1\) and \(x = 1\) पर सतत होना चाहिए:
1. \(x = -1\) पर: \(\lim_{x \to -1^-} f(x) = \lim_{x \to -1^+} f(x) = f(-1)\)
2. \(x = 1\) पर: \(\lim_{x \to 1^-} f(x) = \lim_{x \to 1^+} f(x) = f(1)\)
Step 3: Detailed Explanation:
• \(x = -1\) पर सांतत्यता की जाँच:
- वाम हस्त सीमा (LHL) = \(\lim_{x \to -1^-} (-ax - b) = a - b\)
- दक्षिण हस्त सीमा (RHL) = \(f(-1) = 5(-1) + 1 = -4\)
अतः, सतत होने के लिए:
\[ a - b = -4 \implies b = a + 4 \quad \text{--- (समीकरण 1)} \]
• \(x = 1\) पर सांतत्यता की जाँच:
- वाम हस्त सीमा (LHL) = \(f(1) = 5(1) + 1 = 6\)
- दक्षिण हस्त सीमा (RHL) = \(\lim_{x \to 1^+} (a^2x + 3b) = a^2 + 3b\)
अतः, सतत होने के लिए:
\[ a^2 + 3b = 6 \quad \text{--- (समीकरण 2)} \]
• समीकरण 1 का मान समीकरण 2 में प्रतिस्थापित करने पर:
\[ a^2 + 3(a + 4) = 6 \]
\[ a^2 + 3a + 12 = 6 \]
\[ a^2 + 3a + 6 = 0 \]
• इस द्विघात समीकरण के विविक्तकर (discriminant, \(D\)) की गणना करते हैं:
\[ D = b^2 - 4ac = 3^2 - 4(1)(6) = 9 - 24 = -15 \]
चूँकि \(D < 0\) है, इसलिए इस समीकरण का कोई भी वास्तविक हल (real solution) संभव नहीं है।
• चूंकि \(a\) और \(b\) वास्तविक संख्याएं होनी चाहिए, इसलिए ऐसा कोई भी वास्तविक युग्म \((a, b)\) अस्तित्व में नहीं है जो इस फलन को सतत बना सके।
अतः, संभव युग्मों की संख्या 0 है।
Step 4: Final Answer:
अतः, सही विकल्प (A) है क्योंकि विविक्तकर के ऋणात्मक होने से वास्तविक हलों का अस्तित्व समाप्त हो जाता है।