Question:

गद्यांश: पुष्पित अशोक को देखकर मेरा मन उदास हो जाता है। इसलिए नहीं कि सुन्दर वस्तुओं को हतभाग्य समझने में मुझे कोई विशेष रस मिलता है। कुछ लोगों को मिलता है। वे बहुत दूरदर्शी होते हैं। जो भी सामने पड़ गया, उसके जीवन के अन्तिम महूर्त तक का हिसाब वे लगा लेते हैं। मेरी दृष्टि इतनी दूर तक नहीं जाती। फिर भी मेरा मन इस फूल को देखकर उदास हो जाता है। असली कारण मेरे अन्तर्यामी ही जानते होंगे, कुछ थोड़ा-सा मैं भी अनुमान कर सकता हूँ।
(v) 'अन्तर्यामी और दूरदर्शी' शब्दों के अर्थ लिखिए।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: अन्तर्यामी:
अर्थ: सबके मन की बात जानने वाला, हृदय के भीतर की बात समझने वाला। सामान्यतः यह शब्द ईश्वर के लिए प्रयोग होता है।
वाक्य: ईश्वर अन्तर्यामी है, वह सबके मन की बात जानता है।

चरण 2: दूरदर्शी:
अर्थ: दूर तक की बात सोचने वाला, भविष्य के परिणाम को पहले से देख लेने वाला।
वाक्य: दूरदर्शी व्यक्ति कोई भी काम सोच-समझकर करता है।

अंतिम उत्तर:
अन्तर्यामी: मन की बात जानने वाला (ईश्वर); दूरदर्शी: भविष्य की बात पहले सोचने वाला।
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