Step 1: भूमिका.
‘ध्रुवतारा’ यशपाल की प्रसिद्ध कहानी है जिसमें स्वतंत्रता आंदोलन की भावना और आदर्शों के प्रति निष्ठा दिखाई देती है। Step 2: कथा-सार.
कहानी का नायक जेल में है और अपने साथियों के साथ कष्ट सहते हुए भी अपने विचारों और आदर्शों पर अडिग रहता है। ‘ध्रुवतारा’ यहाँ स्थिरता और अटल विश्वास का प्रतीक है। Step 3: निष्कर्ष.
यह कहानी बताती है कि जीवन में संघर्ष चाहे कितना भी कठिन क्यों न हो, सच्चे आदर्शों पर अडिग रहना ही वास्तविक सफलता है।