Question:

गद्यांश: राष्ट्र का तीसरा अंग जन की संस्कृति है। मनुष्यों ने युग-युगों में जिस सभ्यता का निर्माण किया है, वही उसके जीवन की श्वास-प्रश्वास है। बिना संस्कृति के जन की कल्पना कबंधमात्र है, संस्कृति ही जन का मस्तिष्क है। संस्कृति के विकास और अभ्युदय के द्वारा ही राष्ट्र की वृद्धि सम्भव है। राष्ट्र के समग्र रूप में भूमि और जन के साथ-साथ जन की संस्कृति का महत्वपूर्ण स्थान है। यदि भूमि और जन अपनी संस्कृति से विरहित कर दिये जायँ तो राष्ट्र का लोप समझना चाहिए। जीवन के विटप का पुष्प संस्कृति है। संस्कृति के सौन्दर्य और सौरभ में ही राष्ट्रीय जन के जीवन का सौन्दर्य और यश अन्तर्निहित है।
(v) 'विरहित' तथा 'अन्तर्निहित' शब्दों के अर्थ लिखिए।

Updated On: Sep 24, 2026
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Solution and Explanation

चरण 1: शब्द विरहित:
‘विरहित’ शब्द ‘वि + रहित’ से बना है। इसका अर्थ है रहित, हीन या वंचित, यानी जिसके पास कोई चीज न हो। जैसे: धन से विरहित व्यक्ति। गद्यांश में इसका आशय है कि भूमि और जन को अपनी संस्कृति से अलग कर दिया जाए।

चरण 2: शब्द अन्तर्निहित:
‘अन्तर्निहित’ शब्द ‘अन्तः + निहित’ से बना है। इसका अर्थ है भीतर छिपा हुआ या समाया हुआ। जैसे: इस कथन में गहरा अर्थ अन्तर्निहित है। गद्यांश में जन के जीवन का सौन्दर्य और यश संस्कृति में ही समाया हुआ बताया गया है।

अंतिम उत्तर:
विरहित = रहित, वंचित; अन्तर्निहित = भीतर छिपा हुआ, समाया हुआ।
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