चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में कोशिकीय श्वसन की विभिन्न प्रक्रियाओं (सूची I) को उनके होने के स्थान (सूची II) के साथ सुमेलित करना है।
चरण 2: प्रत्येक प्रक्रिया और उसके स्थान का विश्लेषण:
• A. ग्लाइकोलिसिस (Glycolysis): यह कोशिकीय श्वसन का पहला चरण है, जिसमें ग्लूकोज को पाइरुविक एसिड में तोड़ा जाता है। यह प्रक्रिया प्रोकैरियोट और यूकैरियोट दोनों में कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) में होती है। अतः, A \(\rightarrow\) III.
• B. ETS (इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला - Electron Transport System): यह ऑक्सीडेटिव फॉस्फोरिलीकरण का एक हिस्सा है। ETS के घटक (कॉम्प्लेक्स I-IV) माइटोकॉन्ड्रिया की आंतरिक झिल्ली (Inner mitochondrial membrane) में स्थित होते हैं। अतः, B \(\rightarrow\) I.
• C. प्रोटॉनों का जमा होना (Accumulation of protons): ETS के दौरान, इलेक्ट्रॉन एक वाहक से दूसरे में जाते हैं, और इस प्रक्रिया में निकलने वाली ऊर्जा का उपयोग प्रोटॉनों (H\(^+\)) को माइटोकॉन्ड्रियल आधात्री से अंतर-झिल्ली अवकाश (Intermembrane space) में पंप करने के लिए किया जाता है। इससे एक प्रोटॉन प्रवणता बनती है। अतः, C \(\rightarrow\) IV.
• D. क्रेब्स चक्र (Krebs cycle): इसे सिट्रिक एसिड चक्र भी कहा जाता है। यह प्रक्रिया, जिसमें एसिटाइल-CoA का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है, माइटोकॉन्ड्रिया के आधात्री (Mitochondrial matrix) में होती है। अतः, D \(\rightarrow\) II.
चरण 3: सही मिलान का निर्धारण:
सही मिलान इस प्रकार हैं:
A \(\rightarrow\) III
B \(\rightarrow\) I
C \(\rightarrow\) IV
D \(\rightarrow\) II
चरण 4: अंतिम उत्तर:
यह क्रम (A-III, B-I, C-IV, D-II) विकल्प (B) में दिया गया है। अतः, विकल्प (B) सही है।