चरण 1: प्रश्न को समझना:
प्रश्न में मेंडेलियन वंशागति से विचलन के विभिन्न पैटर्न (सूची I) को उनके संबंधित उदाहरणों (सूची II) के साथ सुमेलित करना है।
चरण 2: प्रत्येक वंशागति पैटर्न का विश्लेषण:
• A. अपूर्ण प्रभाविता (Incomplete Dominance): इस पैटर्न में, विषमयुग्मजी (heterozygote) का लक्षणप्ररूप (phenotype) दोनों समयुग्मजी (homozygous) जनकों के बीच का मध्यवर्ती होता है। इसका एक क्लासिक उदाहरण एंटीराइनम (स्नैपड्रैगन) में पुष्प का रंग है, जहाँ लाल (RR) और सफेद (rr) फूलों के बीच संकरण से गुलाबी (Rr) फूल उत्पन्न होते हैं। अतः, A \(\rightarrow\) II.
• B. सह-प्रभाविता (Co-dominance): इस पैटर्न में, विषमयुग्मजी में दोनों एलील एक साथ और पूरी तरह से अभिव्यक्त होते हैं। इसका सबसे अच्छा उदाहरण मानव ABO रक्त समूह है, जहाँ एलील I\(^A\) और I\(^B\) दोनों एक साथ अभिव्यक्त होकर AB रक्त समूह बनाते हैं। अतः, B \(\rightarrow\) IV.
• C. बहुप्रभाविता (Pleiotropy): यह वह स्थिति है जब एक एकल जीन कई असंबद्ध लक्षणप्ररूपी लक्षणों को प्रभावित करता है। फीनाइलकीटोनूरिया इसका एक उदाहरण है, जहाँ एक एंजाइम के लिए दोषपूर्ण जीन मानसिक मंदता, त्वचा रंजकता में कमी और अन्य लक्षणों का कारण बनता है। अतः, C \(\rightarrow\) III.
• D. बहुजीनी वंशागति (Polygenic Inheritance): इस पैटर्न में, एक लक्षण (जैसे ऊंचाई, त्वचा का रंग) एक से अधिक जीनों द्वारा नियंत्रित होता है, और प्रत्येक जीन का एक संचयी प्रभाव होता है। मानव त्वचा का रंग बहुजीनी वंशागति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। अतः, D \(\rightarrow\) I.
चरण 3: सही मिलान का निर्धारण:
सही मिलान इस प्रकार हैं:
A \(\rightarrow\) II
B \(\rightarrow\) IV
C \(\rightarrow\) III
D \(\rightarrow\) I
चरण 4: अंतिम उत्तर:
यह क्रम (A-II, B-IV, C-III, D-I) विकल्प (A) में दिया गया है। अतः, विकल्प (A) सही है।