सोहत ओढ़े पीत पट श्याम सलेने गात।
मनो नील मणि शैल पर आतप परयो प्रकाश॥
उपयुक्त पंक्तियों में अलंकार है:
Step 1: संदर्भ.
दी गई पंक्तियों में कवि ने श्याम के सौंदर्य का वर्णन किया है। पीतवस्त्र धारण किए हुए श्याम के शरीर की तुलना नील मणि पर्वत पर पड़ने वाले सूर्यप्रकाश से की गई है।
Step 2: अलंकार पहचान.
यहाँ सीधी उपमा नहीं दी गई है, बल्कि समानता का संकेत मात्र है — "मनो नील मणि शैल पर आतप परयो प्रकाश"। इस प्रकार की तुलना में उत्प्रेक्षा अलंकार का प्रयोग होता है।
Step 3: विकल्पों का विश्लेषण.
(A) उपमा: यहाँ 'जैसे' या 'समान' शब्द नहीं है, अतः उपमा नहीं।
(B) रूपक: वस्तु और उपमान में एकत्व नहीं दिखाया गया है।
(C) उत्प्रेक्षा: सही, समानता की कल्पना के कारण यह उत्प्रेक्षा है।
(D) यमक: शब्द की पुनरुक्ति नहीं है।
Step 4: निष्कर्ष.
सही उत्तर है (C) उत्प्रेक्षा।
'रस मीमांसा' के लेखक हैं
'तितली' कृति की विधा है :
डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद लेखक हैं :
'साहित्य और कला' रचना है :
शुक्लोत्तर - युग के लेखक हैं :