Question:

कोकिल ! यापय दिवसान् तावद् विरसान् करीलविटपेषु । यावन्मिलदलिमालः कोऽपि रसालः समुल्लसति ।। उपर्युक्त श्लोक का सन्दर्भ-सहित हिन्दी में अनुवाद कीजिए । 
 

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'अन्योक्ति' पर आधारित श्लोकों का अनुवाद करते समय, शाब्दिक अर्थ के साथ-साथ उसका प्रतीकात्मक अर्थ (भावार्थ) भी अवश्य लिखना चाहिए। यहाँ कोयल 'विद्वान' का और आम का पेड़ 'गुणी आश्रयदाता' का प्रतीक है।
Updated On: Nov 10, 2025
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Solution and Explanation

Step 1: सन्दर्भ (Context):
प्रस्तुत श्लोक हमारी पाठ्य-पुस्तक 'हिन्दी' के 'संस्कृत-खण्ड' में संकलित 'अन्योक्तिविलासः' (अन्योक्तियों का सौन्दर्य) नामक पाठ से लिया गया है। इस श्लोक में कोयल के माध्यम से विद्वान व्यक्ति को धैर्य धारण करने की शिक्षा दी गई है।
Step 2: हिन्दी में अनुवाद (Translation in Hindi):
हे कोयल! तब तक अपने नीरस दिनों को करील (एक कँटीला वृक्ष) के पेड़ों पर बिताओ, जब तक कि भौंरों की पंक्तियों से युक्त (यावन्मिलदलिमालः) कोई आम का पेड़ (रसालः) सुशोभित (समुल्लसति) नहीं होता।
भावार्थ: इस अन्योक्ति का भाव यह है कि, "हे विद्वान पुरुष! तब तक अपने बुरे दिनों को धैर्यपूर्वक व्यतीत करो, जब तक कि तुम्हारे अच्छे दिन नहीं आ जाते और कोई गुणवान व्यक्ति तुम्हें आश्रय नहीं प्रदान करता।"
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