‘सत्य की जीत’ खण्डकाव्य का कथानक और धृतराष्ट्र का चित्रण
Step 1: भूिमका
‘सत्य की जीत’ रामधारी सिंह ‘दिनकर’ द्वारा रचित खण्डकाव्य है। इसमें महाभारत के प्रसंग को आधार बनाकर सत्य और धर्म की विजय का चित्रण किया गया है।
Step 2: कथानक
इस खण्डकाव्य में पांडवों और कौरवों के संघर्ष की पृष्ठभूमि में यह संदेश दिया गया है कि अन्याय और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः उनकी पराजय निश्चित है। धर्म और सत्य की रक्षा करने वाले ही अंतिम विजय प्राप्त करते हैं।
Step 3: निष्कर्ष
काव्य का मुख्य कथानक यह है कि असत्य और अधर्म का अंत होता है, और सत्य की ही सदा विजय होती है।
मुक्तिदूत' खण्डकाव्य के 'पंचम सर्ग' की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
ज्यों आँखिनु सब देखियै, आँख न देखी जाँहि।" उपर्युक्त पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
हा! रघुनन्दन प्रेम परांते। तुम बिन जियत बहुत दिन बीते।। उपर्युक्त पंक्तियों में प्रयुक्त रस है
रीतिमुक्त' काव्यधारा के कवि हैं
भारत-भारती' के रचनाकार हैं