‘मुिक्तत्रय’ खण्डकाव्य की कथावस्तु
Step 1: भूिमका
‘मुिक्तत्रय’ में कवि दिनकर ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के तीन महानायक—गाँधीजी, नेहरू और सुभाषचंद्र बोस—का जीवन-चित्रण किया है।
Step 2: कथावस्तु
इस खण्डकाव्य में गाँधीजी के सत्याग्रह और अहिंसा, नेहरू की आधुनिक दृष्टि और सुभाषचंद्र बोस की सैन्यवीरता का वर्णन है। ये तीनों भारत की स्वतंत्रता के 'त्रिमूर्ति' के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।
Step 3: निष्कर्ष
‘मुिक्तत्रय’ भारत के स्वतंत्रता संग्राम की एक काव्यात्मक झांकी है, जो तीन महान नेताओं के योगदान को अमर बनाती है।
मुक्तिदूत' खण्डकाव्य के 'पंचम सर्ग' की कथावस्तु संक्षेप में लिखिए।
ज्यों आँखिनु सब देखियै, आँख न देखी जाँहि।" उपर्युक्त पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
हा! रघुनन्दन प्रेम परांते। तुम बिन जियत बहुत दिन बीते।। उपर्युक्त पंक्तियों में प्रयुक्त रस है
रीतिमुक्त' काव्यधारा के कवि हैं
भारत-भारती' के रचनाकार हैं