Question:

रीतिमुक्त' काव्यधारा के कवि हैं

Show Hint

रीतिमुक्त कवियों में चार नाम प्रमुख हैं: घनानन्द, बोधा, आलम और ठाकुर।
Updated On: Feb 19, 2026
  • बिहारीलाल
  • पद्माकर
  • केशवदास
  • घनानन्द
Hide Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

The Correct Option is D

Solution and Explanation

Step 1: Understanding the Concept:
रीतिकाल में तीन प्रकार की काव्यधाराएँ थीं: रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध और रीतिमुक्त।
Step 2: Detailed Explanation:
रीतिमुक्त कवि वे थे जिन्होंने काव्यशास्त्रीय नियमों (लक्षण-ग्रंथों) का पालन न कर स्वच्छंद रूप से हृदय के भावों को लिखा।
घनानन्द रीतिमुक्त काव्यधारा के सर्वश्रेष्ठ और प्रतिनिधि कवि माने जाते हैं।
बिहारीलाल 'रीतिसिद्ध' कवि हैं, जबकि केशवदास और पद्माकर 'रीतिबद्ध' कवियों की श्रेणी में आते हैं।
Step 3: Final Answer:
सही विकल्प (D) घनानन्द है।
Was this answer helpful?
0
0

Questions Asked in UP Board X exam

View More Questions