Question:

कबीरदास भक्ति काल की किस शाखा से संबन्धित हैं?

Updated On: Sep 24, 2026
  • सगुण भक्तिधारा
  • कृष्णमार्गी शाखा
  • निर्गुण ज्ञानाश्रयी शाखा
  • मुक्ति काव्य धारा
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The Correct Option is C

Solution and Explanation

चरण 1: प्रश्न को समझें:
भक्तिकाल की चार प्रमुख शाखाओं में से कबीरदास किस शाखा के कवि हैं, यह पूछा गया है।

चरण 2: भक्तिकाल की शाखाएँ:
भक्तिकाल दो धाराओं में बँटा है: निर्गुण और सगुण। निर्गुण में ज्ञानाश्रयी (संत काव्य) और प्रेमाश्रयी (सूफी काव्य) शाखाएँ हैं। सगुण में रामभक्ति और कृष्णभक्ति शाखाएँ हैं।
कबीरदास निराकार ब्रह्म के उपासक थे। उन्होंने ज्ञान, गुरु-महिमा और आडंबर-विरोध पर बल दिया, इसलिए वे निर्गुण ज्ञानाश्रयी शाखा के प्रमुख कवि हैं।

चरण 3: गलत विकल्प:
(A) सगुण भक्तिधारा: इसमें तुलसी, सूर आदि आते हैं, कबीर नहीं।
(B) कृष्णमार्गी शाखा: सूरदास इसके कवि हैं।
(D) मुक्ति काव्य धारा: भक्तिकाल की ऐसी कोई शाखा नहीं है।

अंतिम उत्तर:
सही विकल्प (C) निर्गुण ज्ञानाश्रयी शाखा है।
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