Question:

दिये गये श्लोकों में से किसी एक का ससन्दर्भ हिन्दी में अनुवाद कीजिए:
सुखार्थिनः कुतो विद्या कुतो विद्यार्थिनः सुखम् ।
सुखार्थी वा त्यजेद् विद्यां विद्यार्थी वा त्यजेत् सुखम् ॥

Updated On: Sep 24, 2026
Show Solution
collegedunia
Verified By Collegedunia

Solution and Explanation

चरण 1: सन्दर्भ:
यह श्लोक ‘संस्कृत दिग्दर्शिका’ के पाठ ‘सुभाषितरत्नानि’ से लिया गया है। इसमें विद्या पाने वाले विद्यार्थी के लिए सुख की चिन्ता छोड़कर परिश्रम करने का उपदेश दिया गया है।

चरण 2: शब्दार्थ:
सुखार्थिनः = सुख चाहने वाले का। कुतः = कहाँ से। विद्या = ज्ञान। विद्यार्थिनः = विद्या चाहने वाले का। त्यजेत् = छोड़ दे। वा = अथवा।

चरण 3: हिन्दी अनुवाद:
जो सुख चाहता है, उसे विद्या कहाँ से मिलेगी? और जो विद्या चाहता है, उसे सुख कहाँ से मिलेगा?
इसलिए सुख चाहने वाला विद्या का विचार छोड़ दे, अथवा विद्या चाहने वाला सुख का मोह छोड़ दे।

चरण 4: भावार्थ:
विद्या कठोर परिश्रम, अनुशासन और त्याग से मिलती है। आराम और आलस्य के साथ उसे पाना सम्भव नहीं है। सच्चे विद्यार्थी को सुख-सुविधा की इच्छा त्यागनी पड़ती है।

निष्कर्ष:
यहाँ दिये गये श्लोकों में से श्लोक (सुखार्थिनः कुतो विद्या...) का ससन्दर्भ अनुवाद किया गया है।
Was this answer helpful?
0
0

Top UP Board XII संस्कृत श्लोक Questions

View More Questions